Homeख़ास खबरेंघाटी से अल्पसंख्यकों और हिंदुओं का पलायन शुरु

घाटी से अल्पसंख्यकों और हिंदुओं का पलायन शुरु

घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित यहां रहने पर असुरक्षित महशूश करने लगे हैं. मीडिया रिर्पोट्स के माने तो घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन फिर से शुरु हो गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घाटी से सैकड़ों हिन्दू परिवार जम्मू की ओर रुख कर चुके हैं.

डीएनपी डेस्क: कश्मीर में आंतकवादियों की आंतक से लोग सहमे हुए हैं. खास करके आंतकवादी घाटी में रह रहे अल्पसंख्यकों और हिंदुओं को निशाना बना रहा है. घाटी में पिछले कुछ दिनों में आंतकवादियों ने कई अल्पसंख्यकों और हिंदुओं की हत्या कर दी थी. जिसके बाद से कश्मीर का माहौल अशांत है. घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित यहां रहने पर असुरक्षित महशूश करने लगे हैं. मीडिया रिर्पोट्स के माने तो घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन फिर से शुरु हो गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घाटी से सैकड़ों हिन्दू परिवार जम्मू की ओर रुख कर चुके हैं.

भाजपा की नेतृत्व वाली केन्द्र की मोदी सरकार ने अब तक के अपने कार्यकाल के दौरान कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने के लिए प्रयासरत रही है. सरकार के द्वारा कई ऐसे प्रयास किए गए हैं जिससे घाटी में रहने वाले हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को लाभ मिल रहा है. मोदी सरकार ने आंतकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है. इससे आंतकवाद के आकाओं को तकलीफ पहुंचने लगा है. आंतकवादियों ने कश्मीर में एक फिर से आंतकवाद की पटकथा को लिखने की कोशिश की है. हालांकि, केन्द्र की मोदी सरकार इन आंतकवादियों से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है. श्रीनगर के कई इलाकों को सेना के छावनी में तब्दील कर दिया गया है. आंतकवादियों को पकड़ने के लिए सेना के द्वारा कई इलाकाओं में सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. इसके बाद भी घाटी में रह रहे हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को असुरक्षा का डर सता रहा है.

बता दें कि हाल ही में आतंकियों ने बांदीपोरा जिले के हाजिम इलाके में SUMO के प्रेसिडेंट नायदखाई मोहम्मद शफी की हत्या कर दी थी, उसके बाद इकबाल पार्क के पास बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस साल में अब तक 25 बेगुनाह लोग आतंकियों का शिकार हो चुके हैं, जिसमे से तीन विदेशी नागरिक थे. सबसे ज्यादा हत्याएं श्रीनगर में हुई हैं यहां अब तक 10 लोगों को मारा जा चुका हैं. श्रीनगर के बाद चार-चार हत्याएं पुलवामा और अंतनाग में भी हुई हैं, इसके अलावा तीन कुलगाम में, दो बारामूला और एक-एक बड़गाम और बांदीपोरा में हुई हैं.

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