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कैप्टन के बयान पर मंत्री परगट सिंह ने कसा तंज, कहा- मैंने हमेशा कहा है कि कैप्टन केवल BJP के साथ हैं

आज पंजाब कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने कैप्टन के बयान के विरोध में कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह केवल बीजेपी के साथ हैं. पहले वे धान खरीदने में देरी के लिए दिल्ली गए थे और अब... अगर आप पंजाब में बीएसएफ की तैनाती कर रहे हैं तो यह राज्यपाल शासन लागू करने के आपके इरादे को दर्शाता है.

डीएनपी डेस्क: सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अधिकार क्षेत्र केंद्र की ओर से बढ़ाए जाने से देश का सियासी माहौल गरमा गया है. अब बीएसएफ के अधिकारी देश की सीमा से लगे 50 किलोमीटर तक के इलाके में तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती को लेकर कार्रवाई कर सकते हैं. बता दें कि इसको लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनुमति दी है. केन्द्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पंजाब और असम में देश की सीमा से लगे 50 किलोमीटर तक के इलाके में बीएसएफ के अधिकारी अब तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई कर सकते हैं. इसमें राज्य सरकार की पुलिस का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. इसको लेकर पंजाब और पश्चिम बंगाल की सरकार केन्द्र के इस फैसले को गलत करार दी है. पंजाब सरकार और पश्चिम बंगाल की सरकार के आला मंत्रियों के द्वारा केन्द्र के इस फैसले के विरोध में बयान दिए जा रहे है.

इसी बीच अब इस मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने आज बड़ा बयान दिया है. कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान को लेकर उन पर तंज कसा है. आज पंजाब कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने कैप्टन के बयान के विरोध में कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह केवल बीजेपी के साथ हैं. पहले वे धान खरीदने में देरी के लिए दिल्ली गए थे और अब… अगर आप पंजाब में बीएसएफ की तैनाती कर रहे हैं तो यह राज्यपाल शासन लागू करने के आपके इरादे को दर्शाता है. इसके साथ ही विधायक परगट सिंह ने कहा कि मैं केंद्रीय गृह मंत्री से अपील करना चाहता हूं कि 2022 और 2024 के चुनाव के लिए पंजाब को अलग दिशा में ना ले जाएं. हम किसी को भी पंजाब को सांप्रदायिक बनाने की इजाजत नहीं देंगे. बता दें कि इस मुद्दे पर पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि कश्मीर में हमारे जवान मारे जा रहे हैं. हम देख रहे हैं कि पाकिस्तान के आतंकवादी ज्यादा से ज्यादा हथियार और नशीले पदार्थ पंजाब में भेज रहे हैं. बीएसएफ की बढ़ी शक्तियां और दायरा ही हमें और मजबूती देंगी. इसलिए हम बीएसएफ को राजनीति में ना घसीटें.

गौरतलब है कि सरकार ने सीमा से सटे सभी राज्यों का बीएसएफ अधिकार क्षेत्र बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर ही थी लेकिन अब उसे 50 कर दिया गया है. वहीं गुजरात पाकिस्तान की सीमा से सटा राज्य है. उसका अधिकार क्षेत्र भी 50 किलोमीटर कर दिया गया है जबकि पहले वो 80 था. वहीं राजस्थान में सीमा को 50 किलोमीटर पर अपरिवर्तित रखा गया है. अब अधिकार क्षेत्र बढ़ने के साथ-साथ राज्य में बीएसएफ का दबदबा भी बढ़ गया है. बढ़ते अधिकार क्षेत्र के साथ बीएसएफ को तलाशी लेने, संदिग्ध की गिरफ्तारी करने और जब्ती करने का अधिकार दे दिया गया है. बीएसएफ के करीब 2.65 लाख जवान पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर 6 हजार 300 से ज्यादा भारतीय मोर्चों पर पहरा देते हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संदर्भ में जुलाई, 2014 में संशोधन करते हुए 11 अक्टूबर को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले बीएसएफ कर्मियों और अधिकारियों के लिए प्रावधान को सक्षम किया गया. गृह मंत्रालय (एमएचए) का दावा है कि सीमा पार से हाल ही में ड्रोन से हथियारों की बूंदों ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में इस विस्तार को प्रेरित किया है.

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