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CM Dhami ने Joshimath आपदा पीड़ितों के किए बिजली-पानी बिल निःशुल्क, ऋण उगाही भी वर्ष भर के लिए स्थगित

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Joshimath: जोशीमठ में भूधंसाव से लगभग 723 मकानों में दरारें आ गईं अथवा पूर्णतः रहने योग्य नहीं रह गए थे। जिसके लगभग 5000 प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित पुनर्वास स्थलों पर भेजना पड़ा था। इन्हीं प्रभावितों के संबंध में बुलाई गई बैठक में इन परिवारों के मुख्यमंत्री धामी ने बिजली और पानी के बिलों को निःशुल्क करने का निर्णय लिया। इसके साथ साथ इन प्रभावितों में यदि किसी ने ऋण ले रखे हैं। तो उनकी किस्तों (अंशिका ) को अगले वर्षभर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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जानें किसको मिलेंगे लाभ

उत्तराखंड के मुख्य्मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जोशीमठ आपदा पीड़ितों के संकटों को लेकर शुक्रवार को कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण की थी। कैबिनेट की बैंठक में सबसे महत्वपूर्ण  प्रभावित लोगों को लेकर निर्णय लिए गए। जिसके अंतर्गत सीएम धामी ने जी लोगों के घरों में भूधंसाव के कारण दरारें आ गईं हैं अथवा पूर्णतः रहने योग्य नहीं रह गए हैं। उन परिवारों के  विगत वर्ष नवंबर 2022 से अगले छह माह तक के बिजली और पानी के बिल निःशुल्क कर दिए है।

सीएम ने कैबिनेट से मांगे पीड़ितों के लिए प्रस्ताव

सीएम धामी द्वारा बुलाई गई यह बैठक पूर्णतः जोशीमठ पर ही केंद्रित रही। इस बैठक में पीड़ितों के लिए सभी मंत्रियों से प्रस्ताव भी मांगे गए थे। जिसके लिए 18 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन सभी प्रस्तावों को सीएम ने स्थगित कर दिया।

आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ रंजीत सिन्हा ने कैबिनेट के निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी सहकारी बैंकों से संबंधित बैंकों की ऋण उगाही को पूर्णतः रोक के आदेश दे दिए है। इसके साथ साथ यदि किसी आपदा पीड़ित के पास निजी अथवा राष्ट्रीयकृत बैंकों से संबंधित ऋण हैं उनके लिए उत्तराखंड सरकार ने अगले एक वर्ष के लिए ऋण उगाही को स्थगित करने के आदेश दे दिए हैं। इसी बैठक में राज्य सरकारने सभी पर्वतीय नगरों की सहनशीलता परीक्षण कराने का निर्णय ले लिया है। 

जानें आपदा पीड़ितों के लिए क्या क्या प्रमुख निर्णय हुए

1. प्रभावितों को किराए के रूप में सरकार द्वारा दी जा रही सहायता राशि को 4000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है।

2. जोशीमठ भूधंसाव प्रभावितों की सहायता हेतु सभी मंत्री मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देंगे।

3.प्रभावितों में से यदि कोई सदस्य यदि राहत शिविर का भोजन करने का इच्छुक नहीं होता तो उसे प्रतिदिन 450 रुपये भोजन के लिए मिलेंगे।

4. उत्तराखंड सरकार एकसप्ताह के अंदर राहत पैकेज का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी। एक जिला स्तरीय समिति सर्वे के माध्यम से हानि का आंकलन करेगी।

5. पुनर्वास के लिए चयनित स्थान पर आपदा प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों के मध्य सर्वे कराया जाएगा। जो भी प्रभावित भवन नहीं चाहेंगे उन्हें पैकेज के रूप में धनराशि प्रदान की जाएगी।

6. पुनर्वास के लिए पांच स्थान कोटी फार्म, पीपल कोटी, गोचर, गौख सेलंग, ढाक गांव चयनित की गई हैं । इन स्थानों की जीएसआई से सर्वे कराने की स्वीकृति दे दी गई है।

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