Navratri 2026: 9 दिनों पर मां के अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। वहीं तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को भक्तजन याद करते हैं और उन्हें खुश करते हैं। मां चंद्रमा को अगर आप विधि विधान से पूजा करते हैं तो मानसिक अशांति दूर होने के साथ ही साहस और शांति की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि माता को विशेष भोग पसंद है लेकिन नवरात्रि 2026 के मौके पर आखिर मां चंद्रघंटा को किस चीज का भोग लगाने से आपको फायदा हो सकता है। जाहिर तौर पर प्यार से लेकर नौकरी तक में अगर आपको डर है या फिर तनाव की वजह से परेशान है तो आपको लाभ मिल सकता है।
क्या भोग लगाए मां को नवरात्रि 2026 पर आप
शास्त्रों के अनुसार सिंह पर सवार और माथे पर घंटे के आकार का चंद्रमा धारण करने वाली मां चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी मिठाई अत्यंत प्रिय है। बताया जाता है कि नवरात्रि के तीसरे दिन पर मां चंद्रघंटा को दूध से बनी हुई खीर का भोग लगा सकते हैं जिसमें केसर इलायची और चावल को डाला गया हो। सफेद रंग की दूध की मिठाई भी आप चढ़ा सकते हैं। कहा जाता है कि नवरात्रि 2026 पर चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए मिश्री और पंचामृत भी चढ़ा सकते हैं।
भोग को लेकर क्या रखें ध्यान
इस बात का ध्यान रखें की मां चंद्रघंटा को जो भोग लगाया जा रहा है वह सात्विक हो और इसमें लहसुन प्याज का कोई भी प्रयोग बिल्कुल ना हो। नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है तो उनके इस रूप को शांति और कल्याणकारी माना जाता है इसलिए इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा है।
Navratri 2026 के तीसरे दिन इस तरह करें पूजा
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि की बात करें तो माता को रोली, अक्षत, सिंदूर का तिलक लगाए और उन्हें अंत में भोग लगाए। कहा जाता है कि मां चंद्रघंटा को सफेद या पीला रंग पसंद है तो इन रंगों को पहनना आपके लिए फायदेमंद रह सकता है। इतना ही नहीं मां को कमल का फूल पसंद है।
क्या है मां को प्रसन्न करने के लिए मूल मंत्र
मूल मंत्र
ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
उपासना मंत्र
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
अगर आप भी नवरात्रि 2026 पर मां चंद्रघंटा की पूजा विधि विधान से करते हैं तो इससे आपको फायदा हो सकता है।
