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बिजली संकट पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर केन्द्र से कही ये बात, पढ़ें पूरी खबर

राजस्थान में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक ट्वीट कर अपने दर्द को जाहिर किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, आज देशभर के बिजली उत्पादन संयंत्र कोयले की कमी से जूझ रहे हैं. इस देशव्यापी संकट से निपटने के लिए माननीय प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करते हुए राज्यों को उनकी जरूरत के अनुसार शीघ्र कोयला उपलब्ध करवाना चाहिए.

डीएनपी डेस्क: बिजली संकट को लेकर देश में राजनीति गर्म है. विपक्ष कोयले की कोयले की किल्लत को लेकर सत्ता पक्ष को घेर रहा है. देश के कई राज्यों ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर कोयले की किल्लत को दूर करने के लिए कहा है. बता दें कि कोयले की किल्लत को लेकर केन्द्र को पत्र लिखने वालों में से आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, तमिलनाडु और दिल्ली समेत कई राज्यों शामिल है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कोयले की कमी को पूरा करने और बिजली की उत्पादन बढ़ाने की मांग की है. वहीं, इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार एक्टिव दिखी है. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर संबंधित मंत्रालयों के साथ बैठक कर सभी दिक्कतें दूर करने के निर्देश दिए हैं.

वहीं, राजस्थान में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक ट्वीट कर अपने दर्द को जाहिर किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, आज देशभर के बिजली उत्पादन संयंत्र कोयले की कमी से जूझ रहे हैं. इस देशव्यापी संकट से निपटने के लिए माननीय प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करते हुए राज्यों को उनकी जरूरत के अनुसार शीघ्र कोयला उपलब्ध करवाना चाहिए.

गौरतलब है कि भारत में वर्तमान कोयला संकट अब केंद्र सरकार के लिए समस्या बनता जा रहा है. घरेलू कोयला उत्पादन वृद्धि पिछले कुछ सालों में धीमी रही है और देश में कोयले की मांग तेजी से बढ़ती रही. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 50 सालों में कोयले की मांग इतनी नहीं बढ़ी जितनी बीते 5 सालों में बढ़ी है. इसके अलावा कोयले का उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है. कोयले की बढ़ती शॉटेज और कीमत को लेकर कल यानी 11 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह ने बिजली मंत्री आरके सिंह और कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की थी. उनके साथ दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए थे. गृह मंत्रालय में घंटे भर चली बैठक के दौरान तीनों मंत्रियों ने बिजली संयंत्रों को कोयले की उपलब्धता और आने वाले हफ्तों में बिजली की मांग पर चर्चा की. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब महज 4-5 दिन का कोयला स्टॉक ही बचा है। जबकि, आधे से ज्यादा पावर प्लांट में तो एक या दो दिन का स्टॉक ही है. सरकार ने कोयले की शॉटेज पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि विदेश में कोयले की कीमत में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है जिसकी वजह से कोयले की सप्लाई बाधित हुई है. कोयले की आपूर्ति को पूरा करने के लिए अब घरेलू कोयले पर निर्भर होना पड़ रहा है.

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