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देश में नहीं दिखा रहा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का असर, पहले से और ज्यादा बढ़े भुखमरी के हालात

भारत में लोगों को अन्न की कमी ना हो इसलिए सरकार कदम कदम पर योजनाएं चला रही है। कोविड के टाइम परिस्थितियां काफी बिगड़ गई थी जिसको संभालने के लिए सरकार ने मुफ्त में कई महीने का राशन भी बांटा था।

भारत में लोगों को अन्न की कमी ना हो इसलिए सरकार कदम कदम पर योजनाएं चला रही है। कोविड के टाइम परिस्थितियां काफी बिगड़ गई थी जिसको संभालने के लिए सरकार ने मुफ्त में कई महीने का राशन भी बांटा था। कोई भी देश में भूखा ना सोए..इस बात का ध्यान रखने के लिए डोर-टू-डोर कैंपेन तक चलाए गये थे। लेकिन इसका परिणाम बिल्कुल ही उल्टा हुआ है। भारत देश भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2021 के मुताबिक भारत की रैंक पहले से और ज्यादा गिर गई है और उसका सबसे बड़ा कारण रहा है कोविड -19।

सरकार के दावे पर सवाल?


सरकार बीते साल से ही बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना चला रही है। सरकार का दावा है कि गरीबों तक अन्न पहुंच रहा है लेकिन हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति कुछ और ही बता रही है। भारत अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से भी पिछड़ गया है। पिछले साल भारत का स्थान 94 था जबकि इस साल रैंक गिरकर 101 पर आ गई है। इस इंडेक्स पर भारत खुद हैरान है। बता दें कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई), जो भूख और कुपोषण को ट्रैक करता है, में चीन, ब्राजील और कुवैत सहित 18 देशों ने जीएचआई स्कोर को दिखाया गया है।  रिपोर्ट आयरिश एजेंसी कंसर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी की वेल्ट हंगर हिल्फ़ ने तैयार की है। जिसमें भारत में भुखमरी के स्तर को खतरनाक बताया है।

क्या है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना


अब बात करते हैं कि भारत सरकार की। भारत सरकार दावा कर रही है कि घर-घर तक गरीबों को राशन पहुंचाने का काम किया जा रहा है तो देश में भुखमरी की स्थिति बनी कैसे। ग्लोबल हंगर इंडेक्स सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। बता दें कि इस योजना में गरीबों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये का एक व्यापक राहत पैकेज देना है, जो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में उनकी मदद करने के लिए बनाया गया था। यह मार्च 2020 में गरीब लोगों तक भोजन और पैसे के साथ पहुंचने के लिए घोषित किया गया था, ताकि उन्हें आवश्यक आपूर्ति खरीदने और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

यह भी पढ़े: कोरोना काल में 80 करोड़ लोगों को मिला मुफ्त राशन,गरीब हमारी पहली प्राथमिकता-पीएम मोदी

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े( ये आंकड़े केवल अगस्त तक के हैं)

  1. सरकारी आंकड़ों की मानें तो मध्यप्रदेश में इस योजना का लाभ करोड़ लोगों को मिला है।
  2. इस योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिला है।
  3. 8 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त सिलेंडर मिला है।
  4. 30 हजार करोड़ रुपये लोगों के खाते में जन-धन योजना के तहत भेजे गए हैं।
  5. यूपी में 81 लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिला है।

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