Gritzo Supermilk Test: क्या आप भी वह पेरेंट्स है जो अपने बच्चों को ग्रिटज़ो सुपरमिल्क का सेवन करवाते हैं क्योंकि आजकल यह प्रोडक्ट लोगों के बीच काफी चर्चा में है। जहां इसका पर्दाफाश करने वाली ट्रस्टिफाई कंपनी ने इसका टेस्ट भी करवाया लेकिन क्या आपको पता है कि ग्रिटज़ो सुपरमिल्क अलग-अलग वेरिएंट्स में गर्ल्स और बॉयज के लिए हर उम्र के हिसाब से आता है। ग्रिटज़ो सुपर मिल्क टेस्ट में जो खुलासे हुए वह जानकर आपको हैरानी होगी। दरअसल ट्रस्टिफाई ने इस वीडियो में 7 से 12 साल के उम्र के बच्चों के ग्रिटज़ो सुपरमिल्क टेस्ट में जो खुलासे हुए वह आपको हैरान कर सकते हैं।
Gritzo Supermilk Test में इस सामग्री के इस्तेमाल ने किया हैरान
ग्रिटज़ो सुपरमिल्क टेस्ट को लेकर बात करते हुए बताया गया कि इसमें मौजूद सामग्रियां अपने आप में ठीक है। इससे प्रोटीन हाई क्वालिटी सोर्स आपको मिलता है। विटामिन मिनरल्स और फ्लेवरिंग सब्सटेंस का इस्तेमाल किया गया है। वहीं ग्रिटज़ो सुपरमिल्क टेस्ट में यह कहा गया कि इसमें मौजूद शुगर ने उन्हें हैरान किया। चाहे वह किसी भी फॉर्म में क्यों ना हो चाहे वह रिफाइंड हो या अनडिफाइंड हो। हालांकि इसे उन्होंने ज्यादा तवज्जो नहीं दिया।
ग्रिटज़ो सुपरमिल्क टेस्ट में इन मामलों में बताया गया सेफ
इसके अलावा ग्रिटज़ो सुपरमिल्क टेस्ट में एक्यूरेसी में थोड़ी बहुत फेरबदल देखने को मिला। प्रोटीन से लेकर कार्ब और फैट्स तक का जो दावा किया गया वह सुरक्षित बताया गया है। इसके अलावा वीडियो में अमीनो प्रोफाइल में कोई भी रिस्क फैक्टर्स नहीं पाए गए हैं। कैडमियम अलावा कोई भी हेवी मेटल नहीं पाया गया और वह भी सेफ लिमिट में ही बताया गया है। अफलाटॉक्सिंस मे m1 डिटेक्ट हुआ है लेकिन वह भी सेफ बताया गया है। इसके अलावा पेस्टिसाइड्स भी कोई भी डिटेक्ट्स नहीं हुए मतलब इसमें कोई भी बैक्टीरिया या वायरस मौजूद नहीं है।
इसके अलावा वीडियो में ग्रिटज़ो सुपरमिल्क टेस्ट में बॉयज के लिए भी टेस्टिंग में कंपनी द्वारा किए गए दावे और ट्रस्टिफाई द्वारा खुलासा किया गया। यह बताया गया कि इसमें प्रोटीन से लेकर कार्ब और फैट्स की जानकारी दी गई लेकिन इन प्रोडक्ट को सुरक्षित बताया गया।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
