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दशहरा की छुट्टियों में केदारनाथ जाने का कर रहे हैं प्लान तो एक बार जरूर समझ लें आसान रूट

केदारनाथ को उत्तराखंड का दिल कहा जाता है क्योंकि वहां स्वयं भगवान भोले विराजमान हैं। केदारनाथ का महत्व भारत के लिए धार्मिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है

केदारनाथ को उत्तराखंड का दिल कहा जाता है क्योंकि वहां स्वयं भगवान भोले विराजमान हैं। केदारनाथ का महत्व भारत के लिए धार्मिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है। केदारनाथ चारों धामों में से एक है। हर साल केदारनाथ भक्तों के लिए अप्रैल-मई में खोला जाता है। वहीं अक्टूबर और नवंबर में कपाट बंद कर दिये जाते हैं। केदारनाथ उत्तराखंड की पहाड़ियों पर है। हर साल सर्दियों में वहां भयंकर बर्फबारी पड़ती है। जो लोग बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहते हैं वो दशहरा की छुट्टियों पर जा सकते हैं।

बस से केदारनाथ जाने से बचेगा आपका पैसा

दरअसल इस बार एक साथ लगातार 3-4 दिन की छुट्टियां बन रही हैं। बृहस्पतिवार यानी  14 अक्टूबर को रामनवमी है। 15 अक्टूबर को दशहरा, 16 अक्टूबर को शनिवार और 17 अक्टूबर को रविवार पड़ रहा है। इस लिहाज से आपके पास 4 दिन की छुट्टियां हैं और 19 अक्टूबर को ईद-ए-मिलाद भी पड़ रही है। आप केदारनाथ का ट्रिप आसानी से बना सकते हैं। अब हम आपको बताते हैं कि कम से कम 6 दिन की छुट्टियों में आप लोग कैसे बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकते हैं। पहले बात करते हैं रूट की। केदारनाथ जाने के लिए बस,ट्रेन, और हवाई सेवा मौजूद है। आपको जो ठीक लगे उससे जा सकते हैं। बात करें बस के रूट की तो बस सेवा आपको दिल्ली के कश्मीरी गेट से मिलेगी। जहां आपको पहले ऋषिकेश या हरिद्वार जाना होगा। ऋषिकेश के बाद आपको सोनप्रयाग पहुंचना होगा। इसके लिए आपको ऋषिकेश से बिल्कुल सुबह ही बस पकड़नी होगी। शाम तक आप सोनप्रयाग पहुंच जाएंगे जहां से आपको गौरीकुंड के लिए शेयरिंग टैक्सी का सस्ता ऑप्शन भी मिल जाएगा।

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हेलीकॉप्टर का भी ले सकते हैं सहारा


गौरी कुंड के आगे आपको पैदल ही केदारनाथ दर्शन के लिए जाना होगा। क्योंकि यहां से किसी के लिए कोई गाड़ी की व्यवस्था नहीं होती। श्रद्धालु पद यात्रा करते हुए ही जाते हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक का रास्ता 16-18 किलोमीटर होगा। बस से जाने का एक फायदा होगा कि आपको किराया कम देना होगा। बात करें ट्रेन से केदारनाथ जाने कि तो आपको पहले ट्रेन से हरिद्वार जाना होगा। जिसके बाद वहां से शेयर कैब, टैक्सी या बस लेकर गौरीकुंड पहुंचना होगा।  केदारनाथ जाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी मौजूद है। अगर आप गौरीकुंड से आगे पैदल यात्रा नहीं कर सकते हैं तो हेलीकॉप्टर का सहारा ले सकते हैं जो आपको गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा से मिल जाएगा। हेलीकॉप्टर के एक तरफ का किराया कम से कम 2300 रुपये होगा।

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