Valentine’s Day:  Premanand Maharaj प्यार के बारे में क्या सोचते हैं?  जानें बच्चों को क्यों दी हिदायत?

Valentine's Day: वेलेंटाइन डे के मौके पर आध्यात्मिक और धार्मिक मार्गदर्शक प्रेमानंद जी महाराज के विचारों के बारे में जरुर जानना चाहिए, वो प्यार को जीवन खराब करने की चीज क्यों कहते हैं यहां जानें?

Valentine Day

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Valentine’s Day:  आज दुनिया भर में वेलेंटाइन डे मनाया जा रहा है. प्रेमी युगल के लिए ये दिन किसी त्योहार से कम नहीं है. 7 फरवरी से शुरु हुआ वेलेंटाइन वीक शुरु होता है और 14 फरवरी तक चलता है. इस एक हफ्ते में कपल एक-दूसरे से अपने दिल की बात कहते हैं. प्यार को कुछ लोग वरदान मानते हैं तो वहीं, कुछ लोग इस धोखा बताते हैं. वेलेंटाइन डे के मौके पर आध्यात्मिक और धार्मिक मार्गदर्शक प्रेमानंद जी महाराज  के विचारों का प्यार के बारे में जरुर जानना चाहिए . सोशल मीडिया पर महाराज जी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें वो बच्चों तो प्यार के बारे में बता रहे हैं.

Valentine’s Day:  Premanand Maharaj के विचार जानें

प्रेमानंद जी महाराज  का कहना है कि, स्कूल जाने वाले बच्चों को आज कल के प्यार के नाटक में नहीं फंसना चाहिए. उनका कहना है कि, मैं सभी बच्चों के प्रार्थना कर रहा हूं इस चक्कर में कभी मत फंसना. ये चीज जीवन को खराब कर देती है. आज कल जो प्यार और लिविंग का नाटक चल वो जिंदगी और दिमाग को उलझा कर जीवन को गलत दिशा की तरह तरफ लेकर जाता है. ये मानसिकता बिगाड़ देता है. ये जीवन को नष्ट कर देता है. इसलिए वो बच्चों को हिदायत दे रहे हैं इससे दूर रहें.

वेलेंटाइन का इतिहास और भारत में शुरुआत

वेलेंटाइन डे का एलान पोप गेलैसियस प्रथम ने किया था. उन्होंने 14 फरवरी को शहीद पादरी संत वैलेंटाइन के सम्मान में संत वैलेंटाइन डे मनाने का फैसला लिया था. आपको बता दें, रोम के सम्राट क्लाउडियस ने शादी पर बैन लगा दिया था. जिसके विरोध में संत वैलेंटाइन ने शादी की थी. जिसके बाद उन्हें 270 ईवी में फांसी दे दी गई थी. इसी लिए ये दिन उनकी याद और सम्मान में मनाया जाता है. भारत में इसकी शुरुआत 1990 से हुई है.

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