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Gst On Marriage: अगर आपकी शादी का बजट 10 लाख रूपए से होगा ज्यादा, तो देना पड़ेगा इतना GST

Gst On Marriage: अगर आप शादी के लिए मैरिज हॉल या बैंकट या होटल आदि बुक करते हैं और उसके लिए आपको ₹1.8 लाख से अधिक चुकाना पड़ता है तो पेमेंट करते समय आपको 10 फ़ीसदी टीडीएस काटकर होटल वाले को रकम देनी है। 10 फ़ीसदी टीडीएस की रकम होटल वाले के टिन नंबर पर जमा करनी है।

भारत में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। शादी समारोह के प्रमुख खर्च में कपड़े, फुटवेयर, ज्वेलरी, मैरिज हॉल, टेंट, पंडाल, सजावट, लाइट, वीडियोग्राफी, बैंड बाजा, ब्यूटी पार्लर, कैटरिंग, शादी कार्ड आदि शामिल होते हैं। शादी चाहे लड़के की हो या लड़की की, हर कोई अपने अरमान पूरे करना चाहता है, इसलिए शादी में हर व्यक्ति अपनी क्षमता से अधिक खर्च करना चाहता है।

शादी पर आने वाले कुल खर्च में केवल शादी से जुड़े खर्च ही नहीं बल्कि टैक्स भी शामिल होता है। यह टैक्स जीएसटी के रूप में कीमत में शामिल होता है और विभिन्न तरह की सर्विस इसके बदले वसूला जाता है। आम शादी पर अगर ₹10 लाख खर्च हो रहे हों,तो इसमें डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा जीएसटी शामिल होता है।

शादी समारोह से जुड़े खर्च और उस पर लगने वाला जीएसटी

कपड़े व फुटवियर: 5 से 12 फीसदी
गोल्ड ज्वैलरी: 3 फीसदी
मैरिज गार्डन: 18 फीसदी
टेंट: 18 फीसदी
लाइटिंग: 18 फीसदी
डेकोरेशन: 18 फीसदी
बैंड बाजा: 18 फीसदी
फोटो-वीडियो: 18 फीसदी
शादी कार्ड: 18 फीसदी
घोड़ा-बग्घी: 18 फीसदी
ब्यूटी पार्लर: 18 फीसदी
बस-टैक्सी सर्विस: 5 फीसदी

जानिए पूरा नियम

अगर आप किसी मैरिज हॉल में शादी कर रहे हैं और उसका खर्च ₹1.5 लाख है तो इसमें जीएसटी की हिस्सेदारी करीब ₹27000 होती है। ₹50000 के टेंट के खर्च में जीएसटी की हिस्सेदारी ₹9000 होती है। कैटरिंग सर्विसेज पर अगर 2 लाख का खर्च आता है तो जीएसटी की हिस्सेदारी ₹36000 बैठती है।

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इसी तरह अगर आप ₹200000 की ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो उसमें जीएसटी की हिस्सेदारी ₹4000 होती है। एक शादी में ₹10 लाख का खर्च आता है तो उसमें जीएसटी की हिस्सेदारी ₹1.5 लाख रुपए होती है।

अगर आप शादी के लिए मैरिज हॉल या बैंकट या होटल आदि बुक करते हैं और उसके लिए आपको ₹1.8 लाख से अधिक चुकाना पड़ता है तो पेमेंट करते समय आपको 10 फ़ीसदी टीडीएस काटकर होटल वाले को रकम देनी है। 10 फ़ीसदी टीडीएस की रकम होटल वाले के टिन नंबर पर जमा करनी है।

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इसी तरह कैटरिंग, साउंड सिस्टम, डेकोरेशन, टेंट वालों का भुगतान यदि एक लाख से अधिक का किया गया तो आपको आयकर टीडीएस में उस पर लागू टैक्स की दर 1 या 2 फ़ीसदी के हिसाब से रकम काटकर पैसे देने चाहिए। भुगतान करने वाले व्यक्ति को नियमित रूप से टीडीएस काटकर ही पेमेंट करना चाहिए।

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