Sahar Sheikh: मुंबई में सियासी तापमान लगातार चढ़ता नजर आ रहा है। एक ओर बीएमसी के नए मेयर चयन पर मंथन का दौर जारी है। तो वहीं दूसरी ओर 22 वर्षीय एआईएमआईएम पार्षद सहर शेख के बयान ने समुद्र तट पर स्थित आर्थिक नगरी की चर्चा बढ़ा दी है। नई पार्षद चुनी गईं सहर शेख ने मुंब्रा को हरे रंग से रंगने की वकालत क्या कर दी, कि नया विवाद खड़ा हो गया।
आलम ये हुआ कि सहर शेख को सफाई तक पेश करनी पड़ी। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से जुड़ी सहर शेख ने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। ये सोची-समझी रणनीति है, ताकि इसे धार्मिक रंग दिया जा सके। इधर बीजेपी, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना व अन्य राजनीतिक दल सहर शेख के बयान की मुखालफत कर रहे हैं।
मुंब्रा को हरे रंग से रंगने की वकालत कर फंसी पार्षद Sahar Sheikh!
एआईएमआईएम के टिकट पर ठाणे के मुंब्रा सीट से पार्षद चुनी गईं सहर शेख अपने एक बयान को लेकर बुरा फंसती नजर आ रही हैं। सहर शेख ने अपनी जीत के बाद भाषण देते हुए कहा कि “मुंब्रा को ऐसे ग्रीन कलर में रंगना है कि बुरी तरह से इनको पछाड़ के भेजना है। हर एक कैंडिडेट 5 साल बाद AIMIM का आएगा, क्योंकि इस इलेक्शन में आप मजलिस की ताकत समझ चुके हैं। ये ताकत हमें अल्लाह ने दी है।”
सहर शेख के इस बयान को सांप्रदायिक तौर पर देखा जा रहा है और इसकी जमकर खिलाफत की जा रही है। इसके बाद उन्होंने सफाई जारी कर अपने बयान तो तोड़-मरोड़कर पेश करने की बात कही है। सहर शेख ने कहा कि वे पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष हैं और उनका उद्देश्य मुंब्रा की सभी 25 सीटों पर AIMIM की जीत सुनिश्चित करना है।
बीएमसी मेयर पर जारी मंथन के बीच खड़ा हुआ नया विवाद
एक ओर जहां देश की सबसे धनी नगर पालिका में मेयर चयन को लेकर मंथन का दौर जारी है। वहीं दूसरी ओर सहर शेख के बयान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सहर शेख का ये कहना कि मुंब्रा को हरे रंग से रंगना है, सांप्रदायिक तौर पर देखा जा रहा है।
संजय निरुपम व अन्य तमाम नेताओं ने खुलकर इसकी मुखालफत की है। इधर बीएमसी मेयर चयन को लेकर मुंबई से दिल्ली तक मंथन का दौर जारी है और इधर महाराष्ट्र में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के टिकट पर मेयर चुनी गईं सहर शेख का बयान सुर्खियां बटोर रहा है।
