Dharmantaran Roktham Cells: उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के मामलों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की चांसलर आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में Dharmantaran Roktham Cells गठित करने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाना और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन धर्मांतरण की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ेगी। बताते चले कि उत्तर प्रदेश में लगातार धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे है, जिसके देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के सभी डेंटल और मेडिकल कॉलेज में लागू होगा ये नियम
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक “अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यूपी की गवर्नर और राज्य के विश्वविद्यालयों की चांसलर आनंदीबेन पटेल ने राज्य के सभी मेडिकल, डेंटल और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे “लालच या मानसिक दबाव” के ज़रिए कथित धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए खास सेल बनाएं।
यह निर्देश लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) से जुड़ी कथित धर्मांतरण की घटनाओं की रिपोर्ट के बाद आया है। इसके बाद, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों से कहा है कि वे 6 जून को इन निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें”।
कॉलेज प्रशासन को दिए गए विशेष निर्देश
निर्देशों के तहत संस्थानों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा गया है जो प्रकोष्ठ की गतिविधियों की निगरानी करेगा। साथ ही किसी भी शिकायत या सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्टिंग तंत्र भी विकसित किया जाएगा।
धर्मांतरण रोकथाम प्रकोष्ठ केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक मूल्यों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर सेमिनार, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगा।
