Anurag Dhanda: दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने सामने आ गई थी। जिसके बाद से ही दोनों के बीच जुबानी जंग जारी है। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाया है।
दरअसल पार्टी ने मंत्री परवेश वर्मा पर मार्शल पावर का गलत इस्तेमाल करने और लोकतंत्र के अपमान का आरोप लगाया है। ‘आप’ नेताओं ने इसे सत्ता का अहंकार करार देते हुए कहा है कि सवाल पूछने पर विधायकों के साथ इस तरह का अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। चलिए आपको बताते है कि क्या है पूरा मामला?
Anurag Dhanda ने लगाया गंभीर आरोप
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “भाजपा के मंत्री परवेश वर्मा द्वारा AAP के दलित विधायक कुलदीप कुमार के लिए “इनको फेंको उठाकर” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है”।
भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा AAP के दलित विधायक कुलदीप कुमार के लिए “इनको फेंको उठाकर” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है। pic.twitter.com/Xo4iCBY7W5
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) August 12, 2026
बता दें कि इसे लेकर खुद कुलदीप कुमार ने वीडियो बनाकर इसकी जानकारी दी है। इसके अलावा आप नेता सौरभ भारद्वाज ने वीडियो जारी कर परवेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाया है।
आप नेता कुलदीप कुमार ने बताई सच्चाई
कुलदीप यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “सदन केवल कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह देश के हर वर्ग की आवाज़, अधिकार और सम्मान का प्रतीक है। हाल ही में सदन के भीतर BJP नेता परवेश वर्मा द्वारा मेरे साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है।
सदन केवल कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह देश के हर वर्ग की आवाज़, अधिकार और सम्मान का प्रतीक है।
हाल ही में सदन के भीतर BJP नेता प्रवेश वर्मा द्वारा मेरे साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है।
मैं दलित समाज से आता हूँ।… pic.twitter.com/PLCPalu2XS
— MLA Kuldeep Kumar (@KuldeepKumarAAP) August 12, 2026
मैं दलित समाज से आता हूँ। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी अपने जीवन में जातिगत भेदभाव और अपमान का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने संघर्ष किया और करोड़ों वंचितों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मैं भी बाबा साहेब का अनुयायी हूँ। उनके विचार और संघर्ष मेरी प्रेरणा हैं। अपमान और भेदभाव मुझे रोक नहीं सकते, मैं संविधान, समानता और सम्मान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ता रहूँगा।
