‘दिल्ली की बाक़ी एक करोड़ महिलाओं..’ दिल्ली लक्ष्मी योजना पर Anurag Dhanda का बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी पर तंज, जानें पूरी डिटेल

Anurag Dhanda: दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आप नेता ने बीजेपी पर तंज कसा है।

Anurag Dhanda

फाइल फोटो

 Anurag Dhanda: दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी पर तंज कसते हुए योजना के लाभार्थियों की संख्या को लेकर सवाल उठाए हैं। आप नेता ने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली की बड़ी संख्या में महिलाओं के मुकाबले बेहद कम महिलाओं का पंजीकरण किया गया है और सरकार को बाकी महिलाओं को लेकर भी स्थिति साफ करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी पर जोरदार तंज कसा है।

Anurag Dhanda का बीजेपी नेता पर जोरदार तंज

आप नेता Anurag Dhanda ने बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी के ट्वीट पर जवाब दिया। दरअसल प्रदीप भंडारी ने लिखा कि “पीएम नरेंद्र मोदी जी के विज़न और सीएम रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में, दिल्ली खोखले वादों से आगे बढ़कर महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण की ओर बढ़ी है। ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत हर महीने ₹2,500 की सीधी आर्थिक मदद दी जाती है,

और इसमें 8 लाख से ज़्यादा महिलाएं पहले ही रजिस्टर हो चुकी हैं। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को लूटा। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार इसे फिर से बना रही है। BJP सरकार के तहत दिल्ली महिलाओं के सशक्तिकरण में विश्वास रखती है”। उसी के जवाब में Anurag Dhanda ने लिखा कि “110 लाख महिलाओं में से सिर्फ 8 लाख का रजिस्ट्रेशन किया? साफ़ साफ़ बोलो भंडारी भाई कि दिल्ली की बाक़ी एक करोड़ महिलाओं को सम्मान राशि के लिए रजिस्टर क्यों नहीं किया”?

क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?

दिल्ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र महिलाओं को प्रतिमाह वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत सत्यापित लाभार्थी महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह दिए जाने हैं। दिल्ली सरकार की ओर से 26 अगस्त को हजारों पात्र महिलाओं को अप्रूवल लेटर दिए गए और पहली किस्त 1 सितंबर 2026 से बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, योजना का लाभ सभी महिलाओं को नहीं मिलेगा। इसके लिए सरकार की ओर से तय पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। आय और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ जैसी शर्तों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है।

Exit mobile version