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कृषि कानूनों की वापसी पर असदुद्दीन ओवैसी के सवाल, अनुच्छेद 370 होगा वापस और CAA होगा रद्द ?

पीएम मोदी ने कृष कानून को वापस ले लिए हैं। जिसे लेकर पक्ष और विपक्ष आमने सामने हैं। कृषि कानून को वापस लेने के बाद देश में कई लोग कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस लाने और CAA रद्द करने की मांग करने लगे हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या, अनुच्छेद 370 वापस होगा और CAA रद्द होगा। पीएम मोदी के कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर तंज कसते हुए AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी कहा कि पीएम मोदी इगो सैटिसफाइ करते हैं। ये कानून असंवैधानिक ही थे। इसी दौरान उन्होंने CAA का भी जिक्र किया। असदुद्दीन ओवैसी उम्मीद जताने लगे हैं कि केंद्र सरकार को नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA को वापस लेने के लिए वाध्य होना पड़ेगा।

क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी ?

कृषि कानून वापस लिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा, यह सरकार डरती है जब जनता सडक पर निकलकर विरोध करती है, पहले सीएए-एनआरसी का प्रोटेस्ट और दूसरा किसानों का आंदोलन यह बताता है। इनको आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी हार नजर आ गई है और अपने आप तथा पार्टी को बचाने के लिए उन्होने यह फैसला किया है। वो दिन दूर नहीं है जब मोदी सरकार CAA कानून को भी वापस लेगी। ये सब गैरसंवैधानिक कानून हैं। ओवैसी ने आगे कहा, बड़ा प्रचार भाजपा ने किया था कि एक देश के लिए एक चुनाव होना चाहिए, यह भी गलत है, मोदी सरकार वो बड़े बड़े उद्योगपतियों का इस्तेमाल कर रही थी बैसाखी बनाकर, इनको आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी हार नजर आ गई है। अंदाजा लग गया होगा ओवैसी क्या चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद अब अनुच्छेद -370 और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अगली बारी अनुच्छेद -370 लगाना और सीएए को रद्द करना होगा। वहीं ओवैसी भी यही बात कह रहे है।

क्या प्रदर्शन से डरती है सरकार ?

सात साल में पहली बार सरकार ने विरोध प्रदर्शन की वजह से किसी कानून को वापस लिया है। इन तीनों कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के अलग-अलग सीमाओं के अलावा कई प्रदेशों में किसान आंदोलन कर रहे थे.हालांकि, कई ऐसे लोग भी हैं जो कृषि कानूनों के वापस लिए जाने के पक्ष में नहीं हैं। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को 5 अगस्त 2019 को हटाया गया था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने का स्थानीय लोग विरोध करने लगे थे। कश्मीर का एक बड़ा तबका फिर से अनुच्छेद-370 लगाने की मांग करता रहा है। अब कृषि कानूनों की वापसी के बाद अनुच्छेद-370 को फिर से लगाने की मांग उठने लगी है। मोदी सरकार ने 11 दिसंबर 2019 को ही नागरिकता संशोधन कानून पास किया था। इसके बाद पूरे देश में धरना प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया था। दिल्ली के शाहीन बाग और देश के कई अन्य हिस्सों में भी शाहीन बाग की तर्ज पर धरना प्रदर्शन किए गए। लखनऊ के घंटाघर, अलीगढ़ विश्वविद्यालय में भी जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। अब देखते बनेगा बीजेपी की इन दोनों मुद्दों पर क्या रणनीति होगी।

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