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Yuva Sathi Yojana के तहत बंगाल के नौजवानों को आर्थिक मदद! CM ममता के ऐलान ने बढ़ाई विपक्ष की बेचैनी, क्या चुनाव पर पड़ेगा असर?

Yuva Sathi Yojana

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Yuva Sathi Yojana: बयान और ऐलान के माध्यम से पश्चिम बंगाल में चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बंगाल में इसी वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पूर्व ममता सरकार ने युवाओं को साधने की दिशा में युवा साथी योजना का ऐलान किया है। 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली युवा साथी योजना का उद्देश्य नौजवानों को सशक्त करना है। नई योजना के तहत बंगाल सरकार 21 से 40 वर्ष के युवाओं को तय शर्तों के साथ 1500 रुपए प्रति माह की आर्थिक मदद मुहैया कराएगी।

ये ऐसा फैसला है जिसने बंगाल में विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी, कांग्रेस और वाम दलों के खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है। क्या सीएम ममता बनर्जी के इस फैसले का असर इसी वर्ष होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा? क्या नौजवानों का रुझान ममता सरकार के इस फैसले से बदल सकता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जिसका जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।

बंगाल के नौजवानों को Yuva Sathi Yojana का तोहफा!

चुनावी वर्ष में ममता सरकार ने राज्य के युवाओं को साधते हुए युवा साथी योजना लॉन्च करने का ऐलान किया है। नई योजना के तहत बंगाल सरकार राज्य के नौजवानों को 1500 रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता देगी। ऐसे तमाम नौजवान जिनकी उम्र 21 से 40 वर्ष है और वे माध्यमिक शिक्षा पास कर बेरोजगार हैं। उन्हें 5 वर्षों तक युवा साथी योजना का लाभ दिया जाएगा।

ये योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। सरकार सभी 294 विधानसभा सीटों पर शिविर लगातर उम्मीदवारों का पंजीकरण करेगी। युवा साथी योजना को चुनावी साल में नौजवानों को साधने का प्रयास बताया जा रहा है। हालांकि, ममता सरकार इसे युवा सशक्तिकरण की दिशा में कदम बताते हुए अहम योजना मान रही है जिसका लक्ष्य नौजवानों को लाभ पहुंचाना है।

क्या विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा नई योजना का असर?

इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है जो चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद समीक्षा के आधार पर दिया जाएगा। हां ये जरूर है कि ऐसी योजनाएं चुनावी समीकरण को प्रभावित करती हैं। हाल के कुछ वर्षों में देखें तो मध्य प्रदेश से लेकर बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र तक वित्तिय सहायता देने वाली योजनाओं का बोलबाला नजर आया है। इसी क्रम में तमिलनाडु की सरकार ने भी महिलाओं को साधते हुए बीते कलैगनार योजना लॉन्च किया।

ऐसे में ममता सरकार द्वारा युवा साथी योजना लॉन्च करना भी नौजवानों को साधने की दिशा में एक प्रयास बताया जा रहा है। संभव है कि जिन्हें योजना का लाभ मिले उनमें से अच्छी तादाद में नौजवान वर्तमान सरकार के अपना समर्थन दें। हालांकि, सब कुछ भविष्य के गर्भ में है। ऐसे में बीजेपी, कांग्रेस या वाम दल भले ही अंदरखाने ममता सरकार के इस ऐलान से बेचैन हों। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा कि ममता बनर्जी को युवा साथी योजना का लाभ मिला है या नहीं।

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