Rajya Sabha Election 2026: तमाम सियासी हथकंडे अपनाए गए। गुणा-गणित कर संख्या बल के लिए जद्दोजहद़ देखने को मिली। ये सारे समीकरण बीते कल संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान देखने को मिले। देश के 10 राज्यों से आने वाले कुल 37 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए को एकतरफा जीत मिली है। इसमें सबसे अहम रहा बिहार में 5 राज्यसभा सीटों पर हुआ चुनाव जहां सभी सीटें एनडीए को मिली हैं।
बीजेपी नेता शिवेश राम के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे एडी सिंह संख्या बल के बावजूद चुनाव हार गए। इस हार ने महागठबंधन को खात्मे की दहलीज़ तक पहुंचा दिया है। राजद उम्मीदवार की हार से महागठबंधन में असंतोष गहराता नजर आ रहा है। जहां एक ओर लालू यादव की पार्टी हमलावर है, तो वहीं कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है।
बिहार Rajya Sabha Election 2026 में खेला के बाद खात्मे की दहलीज़ पर महागठबंधन!
दरअसल, बिहार की 5 राज्यसभा सीट को एनडीए ने जीत लिया है। दो बीजेपी, दो जेडीयू तो एक सीट गठबंधन के सहयोगी आरएलएम के खाते में गई। बीजेपी नेता शिवेश राम के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे राजद उम्मीदवार एडी सिंह को हार मिली है। एडी सिंह को जीताने के लिए विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल थे। 35 विधायक महागठबंधन (राजद, कांग्रेस, वाम दल, आईआईपी) के पास थे।
इससे इतर तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम के 5 विधायकों, बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक का समर्थन हासिल कर लिया था। कुल संख्या 41 थी जो एक राज्यसभा चुनने के लिए पर्याप्त थी। हालांकि, अंतिम समय में कांग्रेस के तीन विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेन्द्र कुश्वाहा और राजद विधायक फैसल रहमान वोटिंग से गायब रहे। इस प्रकार विपक्ष संख्या बल जुटा पाने में असमर्थ रहा और शिवेश राम जीत गए।
राजद उम्मीदवार को मिली हार से महागठबंधन में असंतोष देखने को मिल रहा है। तीन कांग्रेस विधायकों का वोटिंग में हिस्सा न लेना राजद नेताओं को चुभ रहा है। यही वजह है कि पटना से चंपारण, मिथिलांचल तक महागठबंधन के भीतर रार और इसके खात्मे की चर्चा जोरों पर है। एनडीए ने बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 जीतकर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल दिया है जिससे सियासी संग्राम छिड़ता नजर आ रहा है।
एकतरफा जीत हासिल कर एनडीए ने फहराया परचम!
बिहार राज्यसभा चुनाव में एकतरफा जीत हासिल कर एनडीए ने परचम फहराया है। सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेन्द्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर को निर्विरोध जीत मिली। वहीं बीजेपी उम्मीदवार शिवेश राम ने दूसरी वरीयता वोटों में राजद उम्मीदवार को हरा दिया। तमाम सियासी समीकरण साधकर बीजेपी ने पांचवी सीट भी जीत ली है।
एनडीए को मिली एकतरफा जीत ने महागठबंधन को खात्मे की दहलीज़ पर धक्का दिया है। अंदरखाने खींचातानी का दौर जारी है। राजद-कांग्रेस के नेता अंदरखाने एक-दूजे पर राज्यसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी मढ़ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि महागठबंधन को मिली हार की जड़ें गहरी हैं जिसका दुष्परिणाम आगे सियासी समीकरण पर देखने को मिल सकता है।
