CJP Protest: क्या सीजेपी के आगे झुक गई सरकार? भारी बवाल के बीच दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा, जानें सबकुछ

CJP Protest: CJP Protest: सीजेपी प्रदर्शन को लेकर देशभर में सियासी हलचल तेज हो गई है। क्या सरकार प्रदर्शनकारियों के आगे झुक गई?

CJP Protest

फाइल फोटो

CJP Protest: बीते दिन दिल्ली में दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी नोकझोंक देखने को मिली थी। पुलिस द्वारा भीड़ को अलग-थलग करने के लिए आंसू गैस के गोले, लॉठीचार्ज और पानी की बौछारें की थी। इसी बीच बातचीत का दौर भी जारी है। जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रवक्ताओं से मुलाकात की। वहीं अब इसे लेकर राजनीति भी गरमा गई है।

बता दें कि संसद का मानसून सत्र जारी है। वहीं अब विपक्ष भी इसे लेकर पूरी तरह से एकजुट है। सोनिया गांधी से लेकर डिंपल यादव तक हर कोई इस प्रोटेस्ट का समर्थन कर रहे है। वहीं अभिजीत दीपके की तरफ से संसद मार्च निकालने की बात कही जा रही है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

क्या सीजेपी के आगे झुक गई सरकार?

बीते दिन दिल्ली में पुलिस और भीड़ के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद मामला पूरी तरह से गरमाया हुआ है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रवक्ताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।

सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें”।

नीट पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा, “NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की रिपोर्ट मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई और नतीजे घोषित किए गए।

उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया। उन्होंने दोषियों को सज़ा देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई खामी न हो।”। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की बातें मानती है या फिर आने वाले दिनों में भारी हंगामा देखने को मिल सकता है।

 

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