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Katchatheevu island Controversy पर विदेशमंत्री एस. जयशंकर का बड़ा खुलासा

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Katchatheevu island Controversy
Katchatheevu island Controversy

Katchatheevu island Controversy : लोक सभा चुनावों से पहले कच्चाथीवू द्वीप विवाद सुर्खियों में छा गया है। जब से पीएम मोदी ने कच्चाथीवू द्वीप को लेकर एक्स पर एक  RTI रिपोर्ट  को शेयर किया और बताया कि, किस तरह से कांग्रेस ने कच्चाथीवू द्वीप को श्रीलंका को दिया है। तब से इस मुद्दे ने काफी तूल पकड़ा हुआ है।

Katchatheevu island Controversy पर पीएम मोदी का पोस्ट

पीएम मोदी ने एक्स पर इस मामले को लेकर एक और पोस्ट किया है, जिसमें लिखा है, “बयानबाजी के अलावा डीएमके ने तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया है। कच्चाथीवू पर सामने आए नए विवरणों ने डीएमके के दोहरे मानकों को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। कांग्रेस और डीएमके पारिवारिक इकाइयां हैं। उन्हें केवल इस बात की परवाह है कि उनके अपने बेटे और बेटियां आगे बढ़ें..उन्हें किसी और की परवाह नहीं है। कच्चाथीवू पर उनकी उदासीनता ने विशेष रूप से हमारे गरीब मछुआरों और मछुआरे महिलाओं के हितों को नुकसान पहुंचाया है।”

विदेशमंत्री एस. जयशंकर का बड़ा खुलासा

इस मामले पर विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस मामले पर बड़ा बयान दिया। जिसमें उन्होंने कहा, ” “पिछले 20 वर्षों में 6184 भारतीय मछुआरों को श्रीलंका द्वारा हिरासत में लिया गया है और 1175 भारतीय मछली पकड़ने वाली नौकाओं को श्रीलंका द्वारा जब्त किए गए। पिछले पांच वर्षों में कच्चाथीवू मुद्दा और मछुआरों का मुद्दा संसद में विभिन्न दलों द्वारा बार-बार उठाया गया है। यह संसद के सवालों, बहसों और सलाहकार समिति में सामने आया है। तत्कालीन सीएम तमिलनाडु सरकार ने मुझे कई बार लिखा है और मेरा रिकॉर्ड बताता है कि वर्तमान सीएम को मैंने इस मुद्दे पर 21 बार जवाब दिया है।”

विदेश मंत्री ने कांग्रेस और डीएमके पर साधा निशाना

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि, “कांग्रेस और डीएमके ऐसा दिखा रही हैं कि उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है और यह अभी-अभी का मसला है। जबकि, उन्होंने ही इसे अंजाम दिया था। जनता को ये जानने का अधिकार है कि 1974 में कच्चाथीवू को कैसे दे दिया गया। DMK लीडर और तब के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को भी इस समझौते की पूरी जानकारी थी। कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों ने इस मुद्दे पर उदासीनता दिखाई। कच्चाथीवू आईलैंड श्रीलंका को दे दिया गया, भारतीय मछुआरों के अधिकार छोड़ दिए गए। जवाहर लाल नेहरू और इंदिरागांधी जैसे प्रधानमंत्रियों ने कच्चाथीवू को छोटा सा द्वीप और छोटी सी चट्टान कहा।” इस मुद्दे को उठाते हुए विदेश मंत्री ने कांग्रेस और DMK को जमकर घेरा।

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