‘दिमागी नक्सल” या ऐसी कोई..’ पीएम मोदी के बयान पर सीजेपी प्रवक्ता Saurav Das का तंज, यूजर्स ने लगा दी क्लास, जानें सबकुछ

Saurav Das ने पीएम मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिसके बाद यूजर्स ने उनकी क्लास लगा दी।

Saurav Das

फाइल फोटो

Saurav Das: पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से दिमागी नक्सल का जिक्र किया था। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है। दरअसल प्रधानमंत्री ने कहा था कि” सालों से माओवादी विचारधारा वाले लोगों ने सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी और सरकारी कमेटियों में सलाहकार के तौर पर नीति-निर्माण को प्रभावित किया था। हम जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस गंभीर खतरे से मुक्त कराने में सफल रहे हैं।

‘हथियारबंद नक्सल तो चले गए, लेकिन ये ‘दिमागी नक्सल’ मौके की तलाश में हैं।’ विचारधारा वाले ये नक्सल मौके का इंतज़ार कर रहे हैं। वे हिंसा और अराजकता के रास्ते को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह की कोशिशें कर रहे हैं”। वहीं इस मामले पर सीजेपी प्रवक्ता Saurav Das ने प्रधानमंत्री पर तंज कसा है।

दिमागी नक्सल वाले बयान पर Saurav Das ने दी प्रतिक्रिया

सीजेपी प्रवक्ता Saurav Das ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “प्रधानमंत्री जी, “दिमागी नक्सल” या ऐसी कोई भी बात काम नहीं आएगी। आप पढ़े-लिखे युवाओं को आसानी से “नक्सली” वगैरह कैसे कह सकते हैं?

सिर्फ़ इसलिए कि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं? यह सरासर अहंकार है! उनकी समस्याओं को हल करने में आपकी पूरी नाकामी है! चेतावनी की घंटी बज चुकी है। अब जागृति का समय आ गया है”। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से मोदी सरकार पर लगातार विपक्ष द्वारा लगातार सवाल उठाया जा रहा है।

सौरभ दास के ट्वीट पर यूजर्स हुए आगबबूला

बता दें कि सौरभ दास के बयान पर अब यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। एक यूजर्स ने लिखा कि

यही वजह है कि हम मोदी को वोट देते हैं। आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, राष्ट्रवाद से ऊपर कुछ भी नहीं है, मेरा मतलब है—कुछ भी नहीं”। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि

“आओ मैदान में “दिमागी नक्सल” – दिल्ली पुलिस ने तो बस ट्रेलर दिखाया है, भारत तुम्हें इसका अंजाम अच्छी तरह दिखा देगा”। गौरतलब है कि लोग लगातार सीजेपी से झारखंड प्रोटेस्ट को लेकर भी सवाल पूछ रहे है।

 

Exit mobile version