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Maharashtra Political Crisis: उद्धव ठाकरे ने छोड़ा सीएम आवास, तीन और बागी विधायक पहुंचे गुवाहाटी, महाराष्ट्र-प्रकरण में आया नया मोड़

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी खतरे में आ गई है। शिवसेना के अंदर तेज हुई बगावत से पार्टी टूटने के कगार पर नजर आ रही है। शिवसेना के एकनाथ शिंदे अपनी ही पार्टी से खुलकर बगावत पर उतर आए हैं। उनके अनुसार उनके साथ पार्टी के 46 विधायकों का समर्थन है। इस बीच खबर ये आ रही है कि उद्धव ठाकरे ने सीएम आवास छोड़ दिया है। ANI द्वारा ट्वीट की गई एक वीडियो में सीएम आवास से लगेज बैग बाहर लाया जाता हुआ दिख रहा है।

उद्धव ठाकरे ने सीएम आवास छोड़ा

बता दें कि उद्धव ठाकरे अपने संबोधन में यह कहा था कि मुख्यमंत्री का सरकारी आवास भी वह खाली करने के लिए तैयार हैं। इसी बीच यह खबर आई है कि उद्धव ने मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास खाली कर दिया है और वह अपने घर मातोश्री चले गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे उत्तर मातोश्री से ही सीएम का कामकाज संभालेंगे। हालांकि उन्होंने अभी सीएम पद से इस्तीफा नहीं दिया है।

इसी बीच एक अन्य जानकारी के मुताबिक तीन और बागी विधायक चार्टर्ड प्‍लेन से गुवाहाटी पहुंच गये हैं, जहां बाकी के बागी विधायक ठहरे हुए हैं। बता दें, कि बागी विधायक एकनाथ शिंदे अपने तमाम समर्थकों के साथ सूरत छोड़कर गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। शिंदे का दावा है कि उनके पास 46 विधायकों का समर्थन है जिनमें 36 पार्टी के और 10 निर्दलीय विधायक हैं।

असम के गुवाहाटी के एक होटल में बागी शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे अन्य विधायकों के साथ दिखाई दिए। इससे जुड़ा एक वीडियो समाचार एजेंसी Ani ने जारी किया है। आपको यह भी बता दें कि शिंदे गुट के 34 शिवसेना विधायकों ने राज्यपाल को पत्र भेजकर शिंदे को अपना समर्थन दिया है।

उद्धव ठाकरे राज्य के सीएम हैं और वही रहेंगे: संजय राउत

जहां सियासी संकट को देखते हुए शरद पवार और कांग्रेस की ओर से एकनाथ शिंदे को सीएम बनाने का सुझाव दिया गया है, वहीं इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने जोर देते हुए कहा है कि उद्धव ठाकरे राज्य के सीएम हैं और वही रहेंगे। फ्लोर ऑफ द हाउस पर अगर मौका मिला तो हम बहुमत साबित करके दिखाएंगे।

सरकार बहुमत में है या नहीं इसके लिए फ्लोर टेस्ट का होना जरूरी – मुकुल रोहतगी

इस संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ट वकील मुकुल रोहतगी ने कहा है कि तुरंत फ्लोर टेस्ट होना जरूरी है। फ्लोर टेस्ट के माध्यम से ही आप यह जान पाएंगे कि सरकार के पास बहुमत है या नहीं? लोकतंत्र में बहुमत होना बेहद जरूरी है और सरकार चलाने के लिए बुनियादी चीजें हैं। इस प्रक्रिया के लिए स्पीकर की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। अगर सरकार के पास आ खड़ा हुआ तो वह फ्लोर टेस्ट में जीत कर अपनी सत्ता बचा लेगी और अगर नहीं हुआ तो जिस पार्टी के पास भी बहुमत होगा वह राज्य में नई सरकार बनाएगी।

आपको बता दें कि शिवसेना के अंदर बगावत के सुर तेज होता देख सीएम उद्धव ठाकरे ने एक फेसबुक लाइव के जरिए अपनी बात रखी। उद्धव ने कहा कि अगर एक भी विधायक आपत्ति करेगा तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। एक भावुक संदेश में उन्होंने कहा अगर विधायकों के मन में कोई बात है तो वह सामने आकर कहें। मैं कुर्सी के लिए लड़ने वाला इंसान नहीं हूं और ना ही कुर्सी पकड़ कर बैठने वालों में से हूं।

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