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AI Agents: डिजिटल सहयोगी या इंसानों के लिए बढ़ता हुआ खतरा? जानिए क्या है फायदे और कैसा होगा इनका भविष्य

AI Agents

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AI Agents: अगर आप एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब पूरी तरह से समझ गए हैं, तो आपको पता होगा कि आने वाला टाइम एआई एजेंट्स का है। एआई एजेंट्स को एआई का अगला चरण भी कहा जाता है। आजकल वैसे भी एआई का नाम लेते ही लोगों को अपनी नौकरी जाने का डर सताने लगता है। ऐसे में एआई एजेंट्स क्या डिजिटल पार्टनर की भूमिका निभा सकते हैं। या फिर यह इंसानों के लिए बढ़ता हुआ खतरा साबित होंगे? इस सवाल का जवाब आज के टाइम पर हर कोई तलाश रहा है। आइए जानते है इसकी डिटेल।

क्या होते हैं AI Agents?

टेक मार्केट में तेजी से उभरते हुए एआई एजेंट्स आपका डिजिटल पार्टनर है, या फिर इंसानों के लिए एक खतरा। इसे समझने से पहले आपको यह जानना होगा कि आखिर एआई एजेंट्स क्या है? सरल भाषा में बात करें, तो एआई एजेंट्स, एआई द्वारा काम करने वाला कर्मचारी है। एआई एजेंट्स एक बुद्धिमान सॉफ्टवेयर सिस्टम होता है, जो किसी लक्ष्य को समझकर खुद निर्णय लेते हैं, योजना बनाते हैं और कार्य पूरा करते हैं, इसमें इंसानों का दखल कम होता है।

एआई एजेंट्स से कैसे हो सकते हैं फायदे

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एआई एजेंट्स के सही उपयोग से इंसानों को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। एआई एजेंट्स एआई एजेंट्स ईमेल ड्राफ्ट करना, डेटा विश्लेषण, रिपोर्ट बनाना, कोड लिखना और ग्राहक सेवा जैसे कार्य संभाल सकते हैं। इनके जरिए किसी भी काम की सटीकता बढ़ जाती है और काम में लगने वाला वक्त भी कम हो जाता है। एआई एजेंट्स के पास लगातार बिना रूके 24 घंटे काम करने की क्षमता होती है। ऐसे में यह इंसानों की किसी भी काम में काफी सहायता कर सकते हैं। साथ ही एआई एजेंट्स के जरिए छोटे कारोबारियों की लागत में कमी आ रही है।

क्या इंसानों के लिए खतरा?

वहीं, एआई एजेंट्स इंसानों की बेसिक नौकरी पर भी सीधा असर डाल रहे हैं। जैसे डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट और डेली एनालिसिस में इनका काम बढ़ रहा है। इंसानों की तरह ही एआई एजेंट्स का फैसला हर किसी को समझ में आए, यह जरूरी नहीं है। अगर एजेंट को संवेदनशील डेटा दिया जाए, तो सुरक्षा एक बड़ा सवाल हो सकता है। एजेंट्स के पास अभी भी नैतिक संवेदनशीलता की कमी है।

कैसा रह सकता है एजेंट्स का फ्यूचर?

उधर, एआई एजेंट्स के फ्यूचर की बात करें, तो यह पर्सनल असिस्टेंट से आगे बढ़कर डिजिटल मैनेजर बन सकते हैं। कंपनियों में पूरी वर्कफ्लो संभाल सकते हैं। देश में बड़े लेवल पर शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं में अहम योगदान दे सकते हैं। जैसे – एजुकेजन सेक्टर में टीचरों के लिए छात्रों की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करना और छात्रों का असाइमेंट चेक करना। वहीं, हेल्थकेयर में शुरुआती बीमारियों की पहचान के संकेत देना।

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