महिलाओं की सेफ्टी में ये AI Tools साबित हो सकते हैं गेमचेंजर, अब हर सफर बनेगा यादगार और सुरक्षित; घूमने की योजना बनाने से पहले जान लीजिए डिटेल

AI Tools: सफर के दौरान महिलाओं की सेफ्टी में ये 5 एआई टूल्स काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इनकी सहायता से महिलाओं की सोलो ट्रिप भी यादगार साबित हो सकती है।

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AI Tools: भारत समेत दुनियाभर में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का डंका बज रहा है। नकली दिमाग अब कई मामलों में इंसानी क्षमता से बेहतर कार्य कर रहा है। यही वजह है कि एआई का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। साथ ही टेक कंपनियां अपने एआई मॉडलों को समय के साथ-साथ अपग्रेड कर रही हैं। ऐसे में कई एआई टूल्स मौजूद हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा में अहम योगदान दे सकते हैं। जी हां, अगर आप महिला हैं, तो इस खबर से आपको फायदा हो सकता है। साथ ही इस आर्टिकल को अन्य जान-पहचान की महिलाओं के साथ भी शेयर करिए, ताकि किसी भी सफर के दौरान उनकी सुरक्षा में ये एआई टूल्स मदद कर सकें।

एआई पावर्ड SOS और स्मार्ट अलर्ट सिस्टम

महिलाओं के किसी सफर पर अकेले जाना है, तो Women 360 और Satark India जैसे ऐप्स को अपने फोन में रखना चाहिए। इनकी मदद से महिलाएं किसी भी खतरे के दौरान अपने करीबियों को SOS भेज सकती हैं। साथ ही लाइव लोकेशन शेयर कर करते हैं। ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर देते हैं।

एआई चैटबॉट और वर्चुअल सेफ्टी असिस्टेंट

SafeHer AI assistant की मदद से महिलाएं किसी भी खतरे के दौरान कई तरह की मदद मांग सकती हैं। इसके जरिए हेल्प के साथ इमोशनल सपोर्ट भी मिल सकता है। साथ ही आसपास के पुलिस स्टेशन और हॉस्पिटल का रास्ता भी आसानी से पता लगाया जा सकता है। अगर आप किसी पैनिक वाली स्थिति में फंस गए हैं, तो भी यह बहुत काम आ सकते हैं।

रियल टाइम लोकेशन के साथ स्मार्ट मैपिंग

यह एक एआई आधारित मैप्स है, जिसकी मदद से महिलाएं किसी असुरक्षित क्षेत्र की पहचान कर सकती है। ऐसे में एक सुरक्षित मार्ग की जानकारी मिल सकती है। साथ ही सबसे करीबी हेल्प मिलने की जानकारी भी मिलती है। इसकी मदद से आसपास के वेरिफायड लोगों को भी अलर्ट करते हैं।

ऑटोमैटिक एविडेंस कलेक्शन

इस एआई टूल की मदद से महिलाओं को किसी भी खतरे की स्थिति में ऑटो ऑडियो और वीडिया रिकॉर्डिंग की सुविधा मिलती है। डेटा को क्लाउड पर सेव कर सकते हैं। साथ ही नजदीकी पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजना जैसे कार्य शामिल है।

एआई आधारित “डेंजर डिटेक्शन”

नए सिस्टम जैसे- ‘Experimental AI Platforms’ की मदद से किसी अंजान लोकेशन पर अनसेफ व्यवहार की पहचान करना, आवाज से घबराहट और कुछ अन्य तरीकों की पहचान कर सकता है। खतरा होने से पहले ही महिलाओं को अलर्ट मिल सकता है।

हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना है कि एआई टूल्स पर पूरी तरह से निर्भरता काफी नुकसान पहुंचा सकती है। किसी भी खतरे की स्थिति में एआई कुछ समस्याओं को सॉल्व कर सकता है। मगर पूर्ण और सटीक समाधान नहीं दे सकता है। कई बार फोन में इंटरनेट और नेटवर्क की दिक्कत, बैटरी खत्म होना समेत कई चुनौतियां भी हैं।

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