Artificial Intelligence: देशभर में अपराध के नए-नए मामले सामने आते हैं। कई ऐसे मामले भी होते हैं,जो पुलिस या जांच टीम के लिए एक अनसुलझी पहेली बन जाते हैं। ऐसे में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कई अपराधों को सुलझाने में पुलिस की बड़ी सहायता कर सकता है। मगर सवाल है कि क्या एआई ने अभी तक मर्डर मिस्ट्री या अन्य गंभीर अपराधों को सॉल्व करने में अपना योगदान दिया है? क्या सही में किसी अपराध के मामले को एआई सुलझा सकता है?
Artificial Intelligence कैसे निभा रहा है अपराध सुलझाने में भूमिका
कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक हत्याकांड को सुलझाने में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद ली है। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी की फुटेज में नजर आ रहे विजुअल्स के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के चेहरों को तैयार करवाया। इतना ही नहीं, पुलिस ने एआई की मदद से मृतक की पहचान भी कराई। जी हां, इसके लिए पुलिस ने मृतक के चेहरे को इस तरह से तैयार करवाया, ताकि उसके जिंदा रहने पर चेहरे का प्रस्तुतिकरण मिल सके। ऐसे में एआई की एडवांस तकनीक ने खुली आंखों के साथ मृतक का चेहरा तैयार कर दिया। पुलिस ने उस चेहरे को सभी जगह पर सर्कुलेट किया। इसके बाद पुलिस के पास मरने वाले के परिजनों का कॉल आ गया।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम ‘मार्वल’ से लैस हुआ देश का पहला राज्य महाराष्ट्र
इसके अलावा, पिछले साल महाराष्ट्र के नागपुर में ‘मार्वल’ यानी महाराष्ट्र अनुसंधान और बेहतर कानून प्रवर्तन के लिए सतर्कता एआई सिस्टम को विकसित किया था। ऐसे में यह भारत का पहला एआई पुलिस सिस्टम बन गया। यह पूरा सिस्टम महाराष्ट्र राज्य सरकार के अधीन आता है। इस एआई सिस्टम को राज्य सरकार के 13 विभागों के साथ मिलकर तैयार किया है। ऐसे में अभी तक किसी अपराध के पैटर्न को समझने में कई हफ्ते या कभी-कभी इससे भी अधिक समय लग जाता था। मगर अब किसी भी मामले को एआई की सहायता से जल्दी समझा जा सकता है। ऐसे में एआई पुलिस या जांच टीम के लिए एक अदृश्य सपोर्ट सिस्टम की तरह काम कर सकता है।
