Artificial Intelligence: भारत से लेकर विश्वभर में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की रेस जारी है। हर कंपनी एआई सेक्टर में छलांग लगाने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं, भारत सरकार भी कई एआई स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। हाल ही में दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन हुआ, जहां पर देश और विदेश के कई दिग्गज नेता और टेक एक्सपर्ट्स शामिल हुए। इस एआई इवेंट के दौरान भारत ने एआई सेक्टर में अपनी अपार क्षमताओं का प्रदर्शन किया। ऐसे में आईबीएम कंपनी के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा ने भारत की एआई संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है।
Artificial Intelligence सेक्टर में भारत कैसे बन सकता है ग्लोबल लीडर
बता दें कि आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय कॉमर्स और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ मुलाकात की। इस दौरान आईबीएम प्रमुख अरविंद कृष्णा ने कहा, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऐसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के मामले में दुनिया में भारत अच्छी स्थिति में है। देश की ताकत मल्टीनेशनल बिजनेस के लिए एआई सॉल्यूशन अपनाने में है, न कि सिर्फ बुनियादी मॉडल बनाने में।’ उन्होंने कहा, ‘भारत को एआई अपनाने और भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स की रीस्किलिंग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। एआई पहले से ही प्रोडक्टिविटी के ऐसे फायदे दे रहा है, जिन्हें मापा जा सकता है, और एआई लेड ऑटोमेशन का इस्तेमाल करके बनाई गई 4.5 बिलियन डॉलर की इंटरनल एफिशिएंसी पर जोर देना चाहिए।’
Held a constructive meeting with @ArvindKrishna, CEO of @IBM.
We discussed the company’s expanding footprint in India, with a strong focus on advancing AI skilling initiatives to equip our talent with future-ready capabilities.
Encouraging to see global technology leaders… pic.twitter.com/sXOwCjWREv
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 24, 2026
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की रेस में स्किलिंग निभाएगी अहम भूमिका
उधर, केंद्रीय कॉमर्स और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आईबीएम सीईओ अरविंद कृष्णा के साथ मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर लिखा, ‘आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा के साथ एक अच्छी मीटिंग हुई। हमने भारत में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी पर चर्चा की, जिसमें एआई स्किलिंग पहल को आगे बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया ताकि हमारे टैलेंट को भविष्य के लिए तैयार करने की क्षमता मिल सके। यह देखकर अच्छा लगा कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स भारत के इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों में अहम योगदान दे रहे हैं।’ मालूम हो कि बीते दिनों भारत सरकार ने देश में डिजाइन हुई पहली सेमीकंडक्टर चिप को रिवील किया था। ऐसे में चिप निर्माण की तरफ भी भारत अपने कदम तेजी के साथ आगे बढ़ा रहा है।
