Asim Munir: नवंबर के शुरुआत की ही बात है जब पाकिस्तानी संविधान में संशोधन की सुगबुगाहट मिली थी। आलम ये हुआ कि हुकूमत ने आनन-फानन में 27वां संविधान संशोधन लाकर सेना प्रमुख आसिम मुनीर को शहंसा-ए-आलम बना दिया। यहां शहंसा-ए-आलम या आशय मुल्क के सबके शक्तिशाली लोगों में से एक का होना है जो आसिम मुनीर बन चुके हैं। उधर संविधान संशोधन हुआ कि कुछ ही दिनों बाद पूर्व पीएम इमरान खान की गुमशुदगी चर्चा बटोरने लगी।
कई मीडिया रिपोर्ट में तो इमरान खान की मौत का दावा भी सामने आया जिसका खंडन बाद में हुआ। यही वजह है कि इस समय को संयोग या प्रयोग से जोड़ा जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान की हालिया स्थिति मुल्क में गृह युद्ध को दावत दे रही है? आइए हम इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने के साथ हालिया समीकरण के बारे में विस्तार से बताते हैं।
इमरान खान की गुमशुदगी से ठीक पहले कैसे हुआ पाकिस्तानी संविधान के साथ खेला?
नवंबर के पहले सप्ताह में पाकिस्तानी संविधान में सेना प्रमुख से जुड़ा संशोधन और अंतिम सप्ताह में पूर्व पीएम इमरान खान की गुमशुदगी कई सवालों को जन्म दे रही है। ये महज संयोग है यो प्रयोग इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मालूम हो कि पाकिस्तानी हुकूमत ने 27वां संविधान संशोधन कर आसिम मुनीर को सीडीएफ बना दिया है। अब मुनीर एयरफोर्स और नेवी प्रमुखों से ऊपर है और स्पष्ट रूप से तीनों सेनाओं का कमांडर हैं।
संविधान के साथ हुआ ये खेला आसिम मुनीर को और मजबूत करता है जिससे उन तक पहुंचना अब और कठिन होगा। नए संशोधन के बाद अब तीनों सेनाओं का पूरा नियंत्रण राष्ट्रपति और कैबिनेट से हटकर सीधे सीडीएफ के हाथ में दे दिया गया है। ये साफ तौर पर दर्शाता है कि इमरान खान के साथ अगर कुछ अनहोनी भी हो जाती है, तो आवाम या पीटीआई कार्यकर्ता मुनीर तक नहीं पहुंच पाएंगे और उनका कुछ नहीं कर पाएंगे।
क्या गृह युद्ध को दावत दे रहे Asim Munir?
खुद को सर्वशक्तिमान घोषित कर चुके आसिम मुनीर क्या पाकिस्तान में गृह युद्ध को दावत दे रहे हैं? ये सवाल इमरान खान की बहन नूरीन नाजी की प्रतिक्रिया के बाद उठ रहे हैं। नूरीन नाजी ने आसिम मुनीर पर हमला बोलते हुए कहा है कि उनके मजहब में अल्लाह से शक्तिशाली कोई नहीं है। ये साफ तौर पर मुल्ला मुनीर को चुनौती देने जैसा है।
नूरीन ने ये भी कहा है कि अगर इमरान खान को खरोंच भी आई, तो पाकिस्तान में हालात बिगड़ सकते हैं। पीटीआई कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें चाहने वाले लाखों लोग सड़क पर उतरकर मुल्क में शांति व्यवस्था भंग कर सकते हैं। यही वजह है कि इमरान खान का परिवार उन्हें जनता के सामने लाने की मांग कर रहा है। हालांकि, हुकूमत और सेना इससे कतरा रही है। यही वजह है कि आसिम मुनीर की भूमिका और मुल्क में गृह युद्ध को दावत देने से जुड़े सवाल तेजी से उठ रहे हैं।
