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Pakistan ही नहीं, China को भी लगेगा झटका! Balochistan की आजादी से कई मोर्चों पर घिरेंगे ड्रैगन और पड़ोसी मुल्क; जानें डिटेल

Balochistan News

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Balochistan News: यदि बलूचिस्तान को आधिकारिक रूप से आजादी मिल जाती है, तो एक तीर से दो निशाना के तर्ज पर पाकिस्तान ही नहीं, चीन को भी झटका लगेगा। पूरा समीकरण कई गुणा-गणित पर निर्भर है, जो आतंक के आकाओं के साथ ड्रैगन यानी China को भी प्रभावित कर सकता है। ताजा Balochistan News कुछ ऐसी ही समीकरण दर्शा रही है। साधारण भाषा में कहे तो यदि Balochistan स्वतंत्र हो जाता है, तो पाकिस्तान अपनी समुद्री पहुँच (ग्वादर पोर्ट) और अपने खनिज संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा खो देगा। वहीं बलूचियों के आजाद होने से CPEC प्रोजेक्ट का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा, जो चीन और Pakistan दोनों के लिए हानिकारक है। वहीं कई ऐसे फैक्टर हैं जो भारत और अफगानियों के पक्ष में जाते हैं। बलूचिस्तान का आजाद होना इन दोनों देशों के लिए लाभदायक हो सकता है।

Balochistan की आजादी से चीन और पाकिस्तान को कैसे लगेगा झटका?

इसके लिए प्वाइंट टू प्वाइंट कई बातों को ध्यान में रखना होगा। तो आइए हम कुछ बिंदुओं पर प्रकाश डालते हैं-

1- यदि बलूचिस्तान आजाद हुआ, तो पाकिस्तान की सैन्य शक्ति प्रभावित होगी। अऐसी स्थिति में पाकिस्तान अपनी समुद्री पहुँच (ग्वादर पोर्ट) और अपने खनिज संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा खो देगा। इससे पाकिस्तान की सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति को बड़ा झटका लगेगा, जो भारत के लिए एक रणनीतिक जीत हो सकती है।

2- चीन और पाकिस्तान संयुक्त रूप से Balochistan की आजादी से तब प्रभावित होंगे, जब CPEC प्रोजेक्ट प्रभावित होगा। यदि बलूचिस्तान आजाद हुआ, तो CPEC का भविष्य अधर में चला जाएगा जो चीन और पाकिस्तान को संयुक्त रूप से नुकसान पहुंचाएगा। इससे भारत को लाभ हो सकता है क्योंकि CPEC परियोजना कश्मीर के विवादित क्षेत्र से होकर गुजरती है।

3- बलूचिस्तान में तेल, गैस, तांबा, कोयला और सोना जैसे अपार संसाधन हैं। इन संसाधनों के वंचित होने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी और पड़ोसी मुल्क भीख मांगने की कगार पर आ जाएगा।

4- पाकिस्तान से इतर चीन की बात करें तो ग्वादर पोर्ट पर बलूचिस्तान का कब्जा होने के बाद चीन और पाकिस्तान दोनों बंदरगाह का फायदा उठाने से वंचित हो जाएंगे। बलूचिस्तान के स्वतंत्र होने से पाकिस्तान की नौसैनिक शक्ति प्रभावित होगी और यह चीन के लिए बड़ी त्रासदी होगी। इसके अलावा चीन का ड्रीम प्रोजेक्ट CPEC भी बलूचिस्तान की आजादी से प्रभावित हो सकता है, और ड्रैगन को बड़ा झटका लग सकता है।

भारत के लिए रणनीतिक रूप से कैसे फायदेमंद होगी बलूचिस्तान की स्वतंत्रता?

गौर से सोचिए कि जहां पाकिस्तान और चीन जैसे देश नुकसान मे हैं, वहां अप्रत्यक्ष रूप से भारत को लाभ मिलना तय है। यदि बलूचिस्तान आजाद होता है तो भारत के लिए एक संभावित सहयोगी बन सकता है और आतंक के आकाओं की नकेल कसने में मदद कर सकता है। वहीं बलूचिस्तान का आजाद होना, भारत के लिए पाकिस्तान पर नजर रखने में कामयाब हो सकता है। तीसरी बात है बलूचिस्तान की आजादी पाकिस्तान को आर्थिक रूप से तोड़कर रख देगी, जिसका सीधा लाभ भारत को मिल सकता है।

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