Bangladesh Election Results 2026: पड़ोसी मुल्क की राजधानी ढ़ाका की सड़कों पर बीएनपी कार्यकर्ता धूम मचा रहे हैं। उनके हाथ में पार्टी का झंडा और तारिक रहमान की तस्वीरें हैं। सभी एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हुए जश्न मना रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह है बांग्लादेश आम चुनाव में बांग्लादेशी नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी को मिली तगड़ी बढ़त।
अब तक की जानकारी के मुताबिक कुल 299 सीटों पर हुए चुनाव में से 209 पर बीएनपी गठबंधन बढ़त हासिल कर चुकी है। आशय स्पष्ट है कि आगे ढ़ाका की सत्ता तारिक रहमान जिया संभालेंगे। इस बदले समीकरण ने कई सवालों को जन्म दिया है। क्या नई दिल्ली-ढ़ाका के संबंध पटरी पर लौटेंगे? आगे बांग्लादेश की सत्ता किस दिशा में बढ़ेगी? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।
क्या पटरी पर लौटेंगे नई दिल्ली-ढ़ाका के संबंध?
बांग्लादेश आम चुनाव के परिणाम देखें तो बीएनपी फिलहाल 209 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बहुमत का आंकड़ा 151 है जिसको पार कर बीएनपी गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में है। दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन को 70 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। तारिक रहमान जिया के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत की चर्चा भारत में है।
विदेश मामलों की जानकार वीना सीकरी के मुताबिक तारिक रहमान नई दिल्ली और ढ़ाका के संबंध बेहतर करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनकी प्रगतिशील सोच बांग्लादेश में उग्रवादियों और कट्टरपंथियों पर लगाम लगा सकती है। साथ ही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर वे लोकतंत्र की बहाली में अहम योगदान दे सकते हैं। फिलहाल सबकी नजरें ताजपोशी पर टिकीं हैं जिसके बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बीएनपी को मिली तगड़ी जीत बढ़त ने बदले समीकरण – Bangladesh Election Results 2026
खबर लिखे जाने तक बीएनपी गठबंधन 209 सीटों पर बढ़त हासिल किए हुए है। ये भारी बढ़त क्लीन स्वीप का इशारा कर रही है। 299 में से 209 सीटों पर बढ़त बनाकर बीएनपी गठबंधन ने इतिहास रच दिया है। तख्तापलट के बाद बांग्लादेशी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया था। तारिक रहमान को भी अपनी जीत की उम्मीद थी। महिला और जेन-जी वोटर्स ने खुलकर बीएनपी गठबंधन को वोट किया है।
इसका परिणाम ये है कि अब बांग्लादेश को 35 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री मिल सकता है। इससे पूर्व 1988 में काजी जफर अहमद पीएम बने थे। आगे खालिदा जिया और शेख हसीना का दौर देखने को मिला जो 2024 तक चला था। अब बीएनपी गठबंधन को मिली बढ़त ने पूरे समीकरण को बदल दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई बांग्लादेशी सरकार का रुख आगे किस ओर नजर आता है।
