चीन ने की गद्दारी! Donald Trump के बयान से ईरान में क्यों मचा हड़कंप, दुनिया में बढ़ हलचल, जानें सबकुछ

Donald Trump: मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के बड़े बयान से ईरान में हड़कंप मच गया है। साथ ही चीन और ईरान के रिश्तें को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।

Donald Trump

फाइल फोटो

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति अपने चीन दौरे पर है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान दोनों राष्ट्रअध्यक्षों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन एक नाम जो काफी चर्चा में रहा, वह था ईरान, दरअसल ईरान-चीन काफी अच्छे दोस्त है। चीन ईरान में अच्छा खासा निवेश करता है और बड़ी मात्रा में कच्चा तेल भी मंगवाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Donald Trump ने यह दावा किया है कि चीन अब ईरान को हथियार नहीं देगा, जिसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे है कि क्या चीन ने ईरान को धोखा दे दिया है। आईए समझते है इसके मायने।

चीन ने ईरान से की गद्दारी

News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक दावा किया है कि बीजिंग अब ईरान को किसी भी प्रकार का सैन्य उपकरण नहीं देगा। ट्रंप के मुताबिक जिनपिंग ने यह बात बहुत ही मजबूती से रखी है। साथ ही चीन की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की पेशकश की गई है।

जिसके बाद अब सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या चीन और ईरान दोस्त नहीं रहे। मालूम हो कि हाल ही में ईरान ने चीन के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की मंजूरी दे दी थी।

बैठक के बाद क्या बोले Donald Trump?

अपने संबोधन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “व्यापार और सम्मान का यह बंधन, जो 250 वर्षों से चला आ रहा है, एक ऐसे भविष्य की नींव है जिससे हमारे दोनों राष्ट्रों को लाभ होगा। अमेरिकी और चीनी लोगों में बहुत कुछ समान है; हम कड़ी मेहनत को महत्व देते हैं, साहस और उपलब्धि को महत्व देते हैं, अपने परिवारों से प्यार करते हैं, अपने देशों से प्यार करते हैं।

साथ मिलकर, हमारे पास इन मूल्यों को आगे बढ़ाने और अपने बच्चों के लिए अधिक समृद्धि, सहयोग, खुशी और शांति से भरे भविष्य का निर्माण करने का अवसर है।

सदियों से, यह आपसी सम्मान एक ऐसे रिश्ते में तब्दील हो गया जो हमारे दोनों देशों के लोगों की अपार प्रतिभा और क्षमता को दर्शाता है। चीनी श्रमिकों ने रेल की पटरियाँ बिछाने में मदद की, जिन्होंने हमारे अटलांटिक तट को प्रशांत महासागर से जोड़ा। चीन की यात्रा करने वाले अमेरिकी यात्रियों ने साक्षरता और आधुनिक चिकित्सा के प्रसार में योगदान दिया”।

 

 

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