Iran Protest: तेहरान की सड़कों पर उमड़ा हुजूम कोई सामान्य भीड़ नहीं, बल्कि उन युवाओं का प्रण है जो मौलवी शासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ में ज्यादातर जेन जी शामिल हैं जिन्हें अब अमेरिका का समर्थन मिल गया है। ईरान प्रोटेस्ट पर पैनी नजर जमाए बैठे प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर जेन जी प्रदर्शनकारियों की मदद करने की बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि यदि ईरानी हुकूमत शांतिपूर्ण ढ़ंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बेरहमी से पेश आती है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या अमेरिका ईरान में जारी प्रदर्शन के बीच मुल्क पर हमला करेगा? अमेरिकी राष्ट्रपति का ये ऐसा ऐलान है जो अंदरखाने ईरानी सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई की चिंता बढ़ा रहा होगा।
Gen Z प्रदर्शनकारियों को समर्थन देकर प्रेसिडेंट ट्रंप का बड़ा ऐलान
प्रेसिडेंट ट्रंप ने खुले तौर पर ऐलान कर दिया है कि वे तेहरान की सड़कों पर प्रदर्शन कर रही Gen Z और अन्य लोगों के साथ हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों से बेरहमी से निपटता है, तो वे उनकी मदद के लिए तैयार हैं। इसका सीधा आशय है कि किसी भी विषम परिस्थिति में ईरान को ट्रंप सरकार का सामना करना पड़ेगा। मतलब स्पष्ट है कि ईरान के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन का दौर बढ़ सकता है और अली खामेनेई के खिलाफ हुंकार और तेज हो सकती है।
क्या Iran Protest के बीच मुल्क पर हमला करेगा अमेरिका?
इसका पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है जो परिस्थितियों पर निर्भर करता है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि वे हर हाल में प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं। यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां बरसाता है, या उनके साथ बेरहमी से बर्ताव करता है। तो अमेरिका प्रदर्शनकारियों की मदद करेगा। इसका आशय साफ है कि विषम परिस्थिति में अमेरिका ईरान को निशाना बना सकता है।
इस प्रकरण आयातुल्ला अली खामेनेई भी बखूबी वाकिफ हैं। यही वजह है कि अंदरखाने खामेनेई की चिंता बढ़ने की बात कही जा रही है। ईरान भी वक्त को नजाकत को देखते हुए अमेरिका का सामना करने के लिए तैयार है। ईरान की ओर से साफ किया गया है कि यदि अमेरिका मुल्क में स्थिति बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो हुकूमत अमेरिकी बेस और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकती है। अब सबकी नजरें अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं। ये देखना भी दिलचस्प होगा कि ईरान में जारी प्रदर्शन का हासिल क्या होता है।
