US-Iran War Ceasefire के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान! तेहरान की सख्त रुख के बीच ट्रंप ने PM शहबाज और मुनीर को कैसा श्रेय दिया?

US-Iran War Ceasefire की अवधि बढ़ा दी गई है। अमेरिका ने इसका ऐलान करते हुए पाकिस्तान की अपील पर सीजफायर का समय बढ़ाने की बात कही है।

US-Iran War Ceasefire

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Iran War Ceasefire: पड़ोसी मुल्क अमेरिका का पीछे-पीछे भागते हुए युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ा रहा है। ऐसा हम नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद ही कह दिया है। ईरान के सख्त रुख के बीच प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ सहित पाकिस्तान के नेतृत्व की सीधी अपील के बाद युद्धविराम की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है। ये दर्शाता है कि कैसे पाकिस्तान यूएस-ईरान वॉर सीजफायर के लिए अपनी बची साफ दाव पर लगा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाया है। इन सबके बीच नजरें इस्लामाबाद पर टिकीं हैं जहां दूसरे दौर की वार्ता को लेकर चहल-पहल तेज है।

अमेरिका के समक्ष सीजफायर ऐलान के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान!

मिडिल ईस्ट में छिड़े सियासी संग्राम के दौर में पाकिस्तान सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। भारत के पड़ोस में स्थित इस मुल्क में आवाम दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोज़हद कर रही है। ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं जो खुदरा महंगाई दर को नई ऊंचाई देने का काम कर रही हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान लगातार अमेरिका के समक्ष गिड़गिड़ा रहा है। आसिम मुनीर, पीएम शहबाज शरीफ, ख्वाजा आसिफ, इशाक डार समेत तमाम पाकिस्तानी हुक्मरानों ने घुटने टेक दिए हैं। ईरान का रुख अडिग है। इसके बावजूद पाकिस्तान लगातार सीजफायर के लिए अमेरिका की शरण में पहुंचा है।

तेहरान की सख्त रुख के बीच ट्रंप ने PM शहबाज और मुनीर को कैसा श्रेय दिया?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सीडीएफ को श्रेय कम दिया और फजीहत ज्यादा कराई है। ईरान का रुख स्पष्ट है कि हम अमेरिका के साथ धमकियों के साये में कोई वार्ता नहीं करेंगे। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के सहारे बातचीत को गति दे रहे हैं। ट्रंप ने सीजफायर की अवधि बढ़ाते हुए इसका श्रेय आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ को दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की सीधी अपील के बाद युद्धविराम की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी जारी रहेगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि मिडिल ईस्ट में आगे क्या कुछ होता है।

Exit mobile version