पाकिस्तान में आसमान छूती ईंधन की कीमतें! आवाम का आक्रोश देख गिड़गिड़ाने लगे पीएम Shehbaz Sharif, कंगाली के बीच लगाई गुहार

पाकिस्तान में रफ्तार पकड़ती बेतहाशा महंगाई के बीच पीएम Shehbaz Sharif आवाम के समक्ष गिड़गिड़ाते नजर आए हैं। कंगाली की मार झेल रहे मुल्क के हुक्मरान ने लोगों से पैदल चलने, मोटर बाइक या कार का इस्तेमाल कम से कम करने की गुहार लगाई है।

Shehbaz Sharif

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Shehbaz Sharif: पड़ोसी मुल्क में लगातार कंगाली का संकट गहराता नजर आ रहा है। जिस पाकिस्तान में पहले से ही महंगाई आसमान छू रही थी, वहां पश्चिम एशिया संघर्ष ने स्थिति को और बदतर कर दिया है। आलम ये है कि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ बैकफुट पर आ गए हैं।

आसमान छूती ईंधन की कीमतों के बीच शहबाज शरीफ ने आक्रोशित आवाम के समक्ष गुहार लगाई है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आवाम से अपील की है कि लोग अनावश्यक यात्रा न करें और संभव हो तो मोटरबाइक, कार का इस्तेमाल कम करें। पड़ोसी मुल्क में कंगाली के बीच पेट्रोल 322, तो वहीं डीजल 335 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

आवाम का आक्रोश देख गिड़गिड़ाने लगे पीएम Shehbaz Sharif

कराची से इस्लामाबाद, मुजफ्फरा, रावलपिंडी समेत पाकिस्तान के तमाम हिस्सों में महंगाई को लेकर आवाम आक्रोशित है। दो वक्त की रोटी के लिए पाकिस्तानी जनता को जद्दोजहद़ करनी पड़ रही है। इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर नई दर 322 और 335 पाकिस्तानी रुपए करना शहबाज शरीफ के लिए गले की हड्डी बन गया है।

आक्रोशित आवाम का आक्रोश देख शहबाज शरीफ गिड़गिड़ाते नजर आए। पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि पेट्रोल की कीमत अभी 544, तो वहीं डीजल 799 रुपए प्रति दर से मिलनी चाहिए। लेकिन हुकूमत 322 और 335 रुपए प्रति लीटर की दर से पेट्रोल और डीजल मुहैया करा रही है। शहबाज शरीफ का यूं गिड़गिड़ाना मुल्क की कंगाल स्थिति को दर्शाता है।

महंगाई ने तोड़ी पाकिस्तानी आवाम की रीढ़!

पड़ोसी मुल्क में महंगाई आसमान छूती नजर आ रही है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि का असर आम जनजीवन पर पड़ा है। इससे ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ा है जो सीधे तौर पर खाने-पीने की वस्तुएं के महंगा होने का कारण भी है। आटा, चावल, दाल, चीनी, मैदा, तेल समेत बुनियादी खाद्द पदार्थ भी आम आवाम की जेब पर बोझ डाल रहे हैं।

आलम ये है कि आवाम सड़कों पर उतर कर शहबाज शरीफ की हुकूमत का विरोध कर रही है। आसमान छूती महंगाई ने शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग जगत तक को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ा है। लोग बुनियादी सुविधाओं तक के लिए दर-दर भटक रहे हैं। बेतहाशा महंगाई ने आवाम की रीढ़ तोड़ डाली है।

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