Strait of Hormuz: होर्मुज स्ट्रेट से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पश्चिम एशिया से भारत आ रहे एक जहाज को वापस लौटना पड़ा है। बताया जा रहा है कि भारतीय तेल टैंकर हाना को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दक्षिणी रास्ते से आगे बढ़ने के खिलाफ चेतावनी जारी की गई। जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज पीछे हट गया। इस बाबत जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने बुधवार को अपने एक रिपोर्ट में की है। हालांकि, इस घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद अबतक इस बात का पता नहीं चल सका है कि भारतीय जहाज को आखिरकार चेतावनी किसने दी और कैसे दी गई। इस घटना को लेकर ईरान की तरफ से भी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय तेल टैंकर को वापस क्यों लौटना पड़ा?
इस घटना के सामने आने के बाद यह तो सच है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी सामान्य नहीं हुई है। जिसका जीता जागता उदाहरण बीते कल यानी बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय तेल टैंकर हाना को अपने रास्ता से वापस लौटना पड़ा। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स की रिपोर्ट की मानें तो, भारतीय तेल टैंकर हाना होर्मुज के दक्षिणी रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस रास्ते पर भारतीय जहाज आगे बढ़ने की कोशिश करते देखे गए, वह ओमान कॉरिडोर का हिस्सा रहा है। रिपार्ट के मुताबिक, भारतीय तेल टैंकर को चेतावनी मिलने के तुरंत उसने अपना इरादा बदला और आगे बढ़ने का फैसला बदल दिया। फार्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीते 24 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी रास्ते से कोई यातायात नहीं देखा गया था।
Iran-Oman में रास्ता खोलने के लिए चल रही बातचीत
मालूम हो कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय तेल टैंकर हाना को लेकर यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान और ओमान के बीच होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर लगातार बातचीत का दौर चलता रहा है। पिछले मंगलवार को ईरान-ओमान के बीच इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई। जिसके बाद ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने उम्मीद जताते हुए कहा था कि बहुत जल्द होर्मुज के लिए एक अस्थायी कॉरिडोर और सुरक्षित आवाजाही की व्यावहारिक व्यवस्था का ऐलान किया जा सकता है। इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच अस्थायी साझा शिपिंग कॉरिडोर को बहाल करने और समुद्री रास्ते से माइंस को हटाने की प्रकिया आदि जैसे मुद्दों पर भी बातचीत का दौर चलता रहा है।
