Greater Noida Viral Video: लोग ज्यादा से ज्यादा पैसे लगाकर ब्रांडेड फास्ट फूड खाने की कोशिश करते हैं ताकि वह अपने हेल्थ के साथ कोई भी रिस्क ना ले सके। इस सबके बीच सोशल मीडिया पर ग्रेटर नोएडा वायरल वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है जहां नामी ब्रांड के चिकन फ्राई का लुत्फ उठाने गए शख्स को उसके अंदर कीड़ा मिला है। सोशल मीडिया पर इस ग्रेटर नोएडा वायरल वीडियो को देखने की बात लोग मुंह बना बैठे हैं। जाहिर तौर पर जो इन ब्रांड पर भरोसा करते हैं उन्हें यह देखकर झटका लगा है। वहीं तुकाराम मुंढे को लोग टैग करने लगे हैं। देखें कैसे सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस होने लगी है।
Greater Noida Viral Video में चिकन फ्राई से निकला कीड़ा देख हिला दिमाग
Horrible @KFC_India …just got insect inside your deep fried chicken.. seriously not acceptable at all .. location – gaur City mall , Greater Noida West, uttar pradesh,
Time : 2:30pm, 5 Sept 3026 pic.twitter.com/BLrpoZ820d— scubidu (@averycommonman1) September 5, 2026
ग्रेटर नोएडा वायरल वीडियो को @averycommonman1 x चैनल से शेयर करते हुए कैप्शन में पूरी जानकारी दी गई। जहां बताया गया कि “बहुत बुरा अभी आपके डीप फ्राइड चिकन में कीड़ा आ गया.. सच में बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं है.. जगह – गौर सिटी मॉल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, उत्तर प्रदेश।” इसके साथ ही यूजर ने यह भी बताया कि 5 सितंबर 2026 को ढाई बजे दोपहर को उन्होंने आर्डर किया था। जहां इस वीडियो में देखा जा सकता कैसे चिकन फ्राई के अंदर कीड़ा दिखाई दे रहा है।
फूड सेफ्टी पर लोगों का इस तरह पारा हुआ गर्म
वहीं ग्रेटर नोएडा वायरल वीडियो पर तुकाराम मुंढे को टैग करते हुए इस पर एक्शन लेने की मांग की गई है। यूजर्स ब्रांड को बैन करने की भी मांग करते दिख रहे हैं। वहीं इस सबके बीच ब्रांड ने ऑफीशियली इस बात की जानकारी दी और कहा कि “नमस्ते, आपको हुई निराशा के लिए माफ़ी चाहते हैं। कृपया अपनी ऑर्डर ID दें ताकि हमारी टीम आपकी चिंता दूर करने के लिए आपसे संपर्क कर सके।” लोग वीडियो पर मजे ले रहे हैं जहां यूजर्स का कहना है कि इस तरह कीड़ा पड़ोसने का एक्स्ट्रा पैसे लिया जा रहा है। जहां लोगों का भारत में फूड सेफ्टी को लेकर गुस्सा फूटा है।
ग्रेटर नोएडा वायरल वीडियो को 4 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
