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अपने “Garlic का मतलब अदरक” वाले बयान पर बुरे फंसे पाक के मंत्री फवाद, लोग कर रहे सोशल मीडिया पर ट्रोल

सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ ना कुछ नया लगा ही रहता है लेकिन हाल फिलहाल पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो रहे हैं। दरअसल हाल ही में पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने अपने बयान में कहा कि Garlic का मतलब अदरक होता है। अब अपनी इस बयान बाजी के चक्कर में फवाद ऐसे फंसे कि लोगों ने उनको ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने कहा कि Garlic का मतलब अदरक होता है, पर फिर भी फवाद अपने बयान पर टिके रहे।

आपको बता दें फवाद चौधरी पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री हैं। ऐसे में उनका यह बयान लोगों के लिए ट्रोलिंग का एक नया टॉपिक बन गया है। फवाद चौधरी पर तरह-तरह के मीम्स बन रहे हैं। लेकिन राजनीतिक पार्टियों की तरह सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग गुट बंटे हुए हैं, जिनमें एक तरफ कुछ लोग फवाद को  ट्रोल कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग फवाद का बचाव कर रहे हैं। कई लोगों ने अपनी सोशल मीडिया हैंडल से कहा है कि Garlic को हिंदी में लहसुन और अदरक को Ginger कहा जाता है। कई लोग इसको बोलने में गलती कर देते हैं। शायद यही गलती फवाद चौधरी से भी हुई है।

यूजर्स ने डायलॉग्स के जरिए डायलॉग के जरिए उड़ाया फवाद का मजाक

वही दूसरी तरफ कुछ लोग तो सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के मंत्री को ट्रोल करने के लिए तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के डायलॉग से लिख रहे है। जी हां वही डायलॉग जिसमें कंगना रानौत कहती हैं कि “अदरक हो गया है यह आदमी, कहीं से भी बड़ा जा रहा है।” कुछ लोगों ने फवाद का मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि “यह पाकिस्तान के आइंस्टाइन है।”

गौरतलब है कि फवाद चौधरी ने मात्र यह बयान ही नहीं दिया था बल्कि पाकिस्तान में होने वाली कई और मनमर्जयों को भी उजागर किया था। फवाद चौधरी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस पाकिस्तान के स्कूल और कॉलेजों को घेरा उन्होंने यह भी कहा कि “इस वक्त मुल्क में कट्टरता के लिए मदरसे जिम्मेदार नहीं है बल्कि स्कूल और कॉलेजों के शिक्षक भी जिम्मेदार है. जिन्हें 1980 और 90 के दशक में इसीलिए नियुक्त किया गया था ताकि वह इस कट्टरता के मकसद को पूरा कर सकें।”

उन्होंने अपने आगे वक्तव्य में कहा कि “आप से अलग विचार रखने वाला कोई व्यक्ति गलत कैसे हो सकता है यदि विपरीत विचार वाले व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाता तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है।”

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