Viral Video:  मौत की मसाज! सैलून में चंपी करवा रहे युवक की दबी नस, अंजाम देख  भूलकर भी नहीं करेंगे ये गलती

Viral Video: सोशल मीडिया पर सैलून का  एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल होरहा है। इसमें कर्मचारी के द्वारा  युवक को ऐसी चंपी की जाती है कि, चारों खाने चित हो जाता है। इस घटना ने लोगों का दिल दहला दिया है।

Viral Video

Picture Credit: Shailesh Verma X

Viral Video: सैलून जाकर अकसर लोग चंपी करवाते हैं। सिर में होने वाली मालिश वैसे तो सारी थकान को उतार देती है। लेकिन कभी-कभी जरा सी गलती जानलेवा साबित भी हो सकती है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।  इसमें एक व्यक्ति सैलून में हेड मसाज करवा रहा था। मालिश के दौरान गर्दन पर अत्यधिक दबाव डाला गया। अचानक गर्दन की स्थिति में आए बदलाव  से वो बेसुध होकर कुर्सी पर ही लटक गया। आस-पास मौजूद लोगों में सनसनी मच गई।

सैलून में घटि खौफनाक घटना

मसाज के दौरान  चारों  खाने चित हुए युवक के वायरल वीडियो को Shailesh Verma नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही सवाल उठाते हुए लिखा है कि, ‘किसी भी सैलून पर मालिश या चंपी करवाते वक्त हमेशा सावधानी बरतना चाहिए। एक व्यक्ति सैलून में बैठकर चंपी करवा रहा था अचानक पता नहीं कौन सी नस दब गई कि चंपी वाला आदमी बेहोश हो गया l’

देखें वीडियो

इस घटना के वीडियो में बेसुध पड़े युवक की स्थिति को साफ देखा जा सकता है।   सिर की मालिश के दौरान कर्मचारी ने ऐसा क्या किया जिसके कारण युवक की ये हालत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी मौजूद नहीं है।  लेकिन यूजर्स के द्वारा ऐसा माना जा रहा है, ‘जब गर्दन को अनुचित तरीके से घुमाया जाता है या दबाव दिया जाता है, तो इससे रक्त वाहिकाओं में समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके लक्षणों में चक्कर आना, आँखों के आगे अंधेरा छाना या बेहोशी शामिल हो सकती है।’ इसे ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’  कहा जाता है।

Viral Video देख लोगों की कांपी रूह

सिर की मालिश कराते युवक का ये वायरल वीडियो कब और कहां का है?  इसका कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स पर 17 जून को अपलोड किया गया था। इस पर कई सौ व्यूज आ चुके हैं। वहीं, यूजर्स की तरफ से काफी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। एक यूजर लिखता है, ‘सैलून में ये काम नहीं करवाना चाहिए’। दूसरा लिखता है, ‘ये गर्दन तोड़ने वाली प्रथा बंद होनी चाहिए’। तीसरा लिखता है, ‘सोच समझकर करवाईए सैलून में क्योंकि कब कौन सी नस दब जाए कोई नहीं जानता है। ‘

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

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