कल का मौसम 25 July 2026: दिल्ली में तेज बारिश से मचेगी घनघोर तबाही, तो पहाड़ों पर शुरू हुआ मौत का तांडव, देखें आईएमडी रिपोर्ट

कल का मौसम 25 July 2026: विभाग ने उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

कल का मौसम 25 July 2026

फाइल फोटो

कल का मौसम 25 July 2026: देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। विभाग ने उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। वहीं हिमालयी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह से रोक दिया गया है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में भी स्थिति चरमरा गई है। चलिए आपको बताते है कल का मौसम 25 July 2026 कैसा रहने वाला है?

दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज

राजधानी दिल्ली में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने जा रहा है। बता दें कि मौसम विभाग ने बिजली कड़कने के साथ-साथ आंधी-तूफान, हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। अगर राजधानी की बात करें तो चांदनी चौक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली यूनिवर्सिटी, लोधी रोड, नरेला, पालम, सफदरजंग, प्रगति मैदान समेत कई जगहों पर चेतावनी जारी कर दी है। वहीं एनसीआर में भी अलर्ट जारी कर दिया है।

उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर में मौत का तांडव

उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा समेत कई जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया है। इन जिलों में पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क बंद होने की आशंका बनी हुई है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

जम्मू कश्मीर में भी रेड अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने जम्मू, राजौरी, पुंछ, डोडा, रामबन, रियासी, उधमपुर, किश्तवाड़, कठुआ, अनंतनाग, कुलगाम, बारामूला, कुपवाड़ा, श्रीनगर, गांदरबल जैसे जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा अधिक बना हुआ है। कई पर्वतीय मार्ग प्रभावित हो सकते हैं और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

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