Chaitra Navratri 2026: कहते हैं विधि विधान से अगर मां दुर्गा के नौ रूप की पूजा की जाए तो लोगों की जिंदगी में सुख समृद्धि की कोई कमी नहीं रहती है। चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इस दौरान आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। घट स्थापना के साथ इस चैत्र नवरात्रि की शुरुआत करने से पहले आप इस बात का भी खास ख्याल रखें कि इस दौरान भूल कर भी कोई गलती ना करें क्योंकि इसकी वजह से आपको खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। कलश में नारियल रखने का प्रावधान है लेकिन इस दौरान कौन सी गलती करने से आप बचें आइए जानते हैं।
Chaitra Navratri 2026 पर क्या है घट स्थापना के लिए शुभ समय
चैत्र नवरात्रि पर अगर आप घट स्थापना करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसके नियम क्या हैं। घर को साफ कर शुद्ध कर ले। 6:52 से लेकर 7:45 तक शुभ मुहूर्त है इस समय में ही कलश स्थापना करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। एक और मुहूर्त है वह उतना सार्थक तो नहीं है लेकिन अभिजीत मुहूर्त में भी आप घट स्थापना कर सकते हैं और इसके लिए समय 12:05 से लेकर 12:53 का दोपहर बताया गया है।
इस तरह से करें माता की पूजा आप
इसके साथ ही पवन सिन्हा गुरूजी ने कहा कि एक तांबे की थाली इसकी जगह आप चांदी का थाली भी ले सकते हैं। उसमें दुर्गा सप्तशती रखें। माता का तिलक करें और अष्टगंध समर्पित करें। इसके साथ चैत्र नवरात्रि 2026 में घटस्थापना के दौरान प्रसाद समर्पित करें और आरती करें। नारियल को चुन्नी से लपेटकर आप जेनऊ, सुपारी और सिक्का डालें। इसके साथ ही धान बो दें। चैत्र नवरात्रि का कलश नॉर्थ ईस्ट में रखने की सलाह दी गई है।
जानें चैत्र नवरात्रि की नारियल को लेकर क्या है नियम
आप चैत्र नवरात्रि 2026 में घट स्थापना के लिए मिट्टी तांबे या पीतल का कलश ले सकते हैं। इसमें आप नारियल रखें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसके अंदर पानी हो। जटा वाला नारियल जिसमें पानी हो लेकिन इस दौरान नींबू, इमली और सूखा नारियल भेंट करने से दूर रहे। नारियल की आंख को हमेशा ऊपर रखना है।
चैत्र नवरात्रि 2026 के दौरान व्रत करने वाले लोगों को सलाह देते हुए पवन सिंह गुरु जी का कहना है कि अगर आप इस बात का ध्यान रखें कि नौ रात यानी दसवीं के दिन ही यज्ञ करके अपना उपवास पालन करें।
