Manglik Dosha 2026: शादी से पहले करें ये 5 उपाय, कुंभ विवाह से मिलेगी मुक्ति

Manglik Dosha 2026: मांगलिक दोष से मुक्ति पाने के लिए आखिर किस उपाय को आप कर सकते हैं जिससे विवाह में आ रही देरी से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं आखिर कुंभ विवाह का क्या है मायने।

Manglik Dosha 2026: मांगलिक दोष होने पर कहा जाता है कि सबसे ज्यादा दिक्कत शादी में आती है लेकिन क्या आपको पता है कि आप कुछ उपाय को करने से इस दुख से निजात पा सकते हैं। मांगलिक दोष के कई ऐसे महा उपाय हैं जिससे आप दोष दूर कर सकते हैं और आपका मंगल हो सकता है। मांगलिक दोष 2026 की बात करें तो मांगलिक दोष निवारण के लिए कई उपाय कारगर बताए गए हैं अगर आप इससे मुक्ति पाना चाहते हैं। ऐसे में लिए जानते हैं आखिर कुंभ विवाह से कैसे आप मुक्ति पा सकते हैं और कैसे शादी से पहले इन उपाय को करने से आपका लाभ हो सकता है।

मांगलिक दोष 2026 में जाने मंगलवार को क्या करें आप

अगर कुंडली में मंगल दोष है और आप मांगलिक हैं तो मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करने से आपको फायदा हो सकता है। इससे चली आ रही परेशानियां कम होगी और इसके साथ ही कहा जाता है कि आप मंगलवार का व्रत विधि विधान से करते हैं तो आपको फायदा हो सकता है।

मूंगा धारण कर सकते हैं आप

मांगलिक दोष को खत्म करने के लिए आप किसी ज्योतिषी की सलाह पर तांबे की अंगूठी में लाल मूंगा धारण कर सकते हैं। यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा। जहां तक हो सके आप इस अंगूठी को पहनने की कोशिश करें। इससे आपको लाभ मिल सकता है।

गुड़ और गेहूं का दान करना भी है लाभदायक

कहा जाता है कि मांगलिक दोष खत्म करने के लिए हर मंगलवार को गुड़ और गेहूं का दान करने से आपकी परेशानी दूर हो सकती है। आप चाहे तो किसी गरीब को यह दान करें या फिर किसी मंदिर में चढ़ाएं इससे फ़ायदा मिल सकता है।

गणेश जी की पूजन से भी मिल सकता है लाभ

मांगलिक दोष से बचने के लिए शादी से पहले आप गणपति जी की पूजा कर सकते हैं जिससे आपका दोष कम हो सकता है इसकी वजह से आपको फायदा हो सकता है अगर आपके रिश्ते बार-बार टूट रहे हैं तो गणपति जी कृपा से आपकी शादीशुदा जिंदगी बस सकती है।

मांगलिक दोष से मुक्ति पाने के लिए कुंभ विवाह है प्रचलित

मांगलिक दोष से मुक्ति के लिए कुंभ विवाह एक प्रचलित उपाय है। ऐसे में आपको एक विशेष अनुष्ठान के जरिए मांगलिक व्यक्ति को कुंभ यानी कलश के पेड़ से विवाह करना होता है ताकि उनके दोष मिट सके या विवाह में हो रही देरी में मुश्किलें आने पर की जाती है।

 

 

 

Exit mobile version