ADAS Features: वो दिन चले गए जब भारत के लोग सिर्फ डिजाइन, कलर और माइलेज की वजह से किसी भी कार को खरीद लेते थे। मगर अब कार खरीदार गाड़ी की सेफ्टी पर भी खास ध्यान देते हैं। यही वजह है कि आजकल कार कंपनियां कारों में कई एडवांस एडीएएस फीचर्स को शामिल कर रही हैं। मगर फिर भी अधिकतर भारतीय लोग इस हाईटेक सेफ्टी फीचर का उपयोग नहीं कर पाते हैं। क्या भारतीयों को सुरक्षा के लिए अहम इस फीचर की सही से जानकारी नहीं होती? या फिर कार ड्राइविंग के दौरान चालकों को किसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ता है?
ADAS Features का इस्तेमाल क्यों नहीं करते भारतीय कार चालक?
आपने अक्सर देखा होगा कि भारत की सड़कों की स्थिति काफी अच्छी नहीं है। यही एडीएएस फीचर्स का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। काफी सड़कों पर लेन मार्किंग की व्यव्स्था ठीक से नहीं होती है। कभी किसी सड़क पर 2 लेन, 4 लेन और किसी रोड पर लेन होती ही नहीं है। इसके अलावा, सड़कों पर अचानक से यूटर्न और स्पीड ब्रेकर भी एक बड़ी दिक्कत साबित होते हैं।
इंडिया में काफी वाहन चालक बिना इंडीकेटर्स के लेन बदलते हैं। राजधानी दिल्ली में भी रॉन्ग साइड ड्राइविंग होती है। फिर सड़कों पर बाइक, ऑटो, गाय समेत कई अवारा जानवर अचानक से गाड़ियों के सामने आ जाते हैं। इसके अलावा, अधिकतर भारतीय ड्राइवरों को एडीएएस की सही ट्रेनिंग नहीं दी गई है। एडीएएस का कब इस्तेमाल करना है, कब नहीं करना है, इसकी क्या सीमाएं हैं। वाहन चालकों को इसकी सटीक जानकारी नहीं होती है। यही वजह है कि लेन असिस्ट, एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल समेत कई एडीएएस फीचर्स भारतीय सड़कों पर काम नहीं करते हैं।
भारत में एडीएएस फीचर्स मार्केटिंग का हथकंडा या असली सुरक्षा?
कई रिपोर्ट्स की मानें, तो इंडिया में कारों में मिलने वाले एडीएएस फीचर्स 60 फीसदी मार्केटिंग का हिस्सा होते हैं। जबकि 40 फीसदी वाहन चालकों के लिए असिस्टट और सुरक्षा देने का काम करते हैं। इंडिया में मिलने वाली कारों में 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग के साथ कारों के ब्राउशर्स में नीचे की ओर लिखा होता है कि एडीएएस खूबियां ड्राइवर असिस्टेंस के लिए है। मगर अधिकतर वाहन चालक इस पर ध्यान नहीं देते हैं।
वहीं, एडीएएस के तहत आने वाली खूबियों के नाम सुनने में काफी प्रीमियम लगते हैं। मगर इनके काम काफी सीमित हैं। ट्रैफिक जाम अलर्ट जैसे कई फीचर्स सड़क पर ड्राइविंग के दौरान अक्सर बीप करते हैं। हालांकि, ऑटोमैटिक एमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और फॉरवर्ड कॉलिजन वार्निंग जैसे फीचर्स कार में बैठे यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।





