Budget 2026: 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट आज पेश होगा। रविवार होने के बाद भी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना 9वां बजट पेश करेंगी। ऐसे में देश के आम आदमी से लेकर अलग-अलग उद्योगों के दिग्गजों की नजर इस बजट पर बनी हुई है। ऐसे में ऑटो सेक्टर भी अपनी आस लगाकर बैठा हुआ है। क्या ईवी सेक्टर में सब्सिडी को बढ़ाया जाएगा या नहीं? इसके साथ ही इस साल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को क्या कुछ अधिक छूट मिलेगी या नहीं? इसके अलावा भी बजट 2026 से कई अन्य तरह की उम्मीदें बनी हुई हैं।
Budget 2026: क्या है FAME III स्कीम का फ्यूचर?
कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बजट 2026 के दौरान केंद्र सरकार फेम III की शुरुआत कर सकती है। इस स्कीम का मुख्य मकसद ईवी सेक्टर को पहले से अधिक मजबूत करना, आम लोगों के लिए किफाएती बनाना और लोकप्रिय करना शामिल है। ऐसा करने से फेम II सब्सिडी समाप्त होने के बाद लोगों को योजना के बीच में ब्रेक नहीं मिलेगा। जानकारी के लिए बता दें कि फेम-II सब्सिडी औपचारिक तौर पर 31 मार्च, 2024 को समाप्त हो गई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने ईवी वाहनों को लोकप्रिय बनाने के लिए सरकारी प्रमोशन स्कीम के तहत समर्धन जारी रखा है। मगर इसके खत्म होने के बाद पूरी संभावना है कि फेम-III योजना को सरकार अगले कुछ महीनों में लॉन्च कर सकती है।
बजट 2026 में फेम-III योजना के तहत खरीदारों को क्या मिल सकता है?
ऐसी कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत सरकार फेम-III योजना को लोकप्रिय बनाने के लिए ईवी खरीदारों को छूट या इंसेंटिव देने का ऐलान करें। दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अलग से 10 हजार करोड़ का बजट आवंटित कर सकती है। साथ ही कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सरकार फेम-III के तहत ई-ट्रक,ई-ट्रैक्टर और चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे सकती है। इसके अलावा, ईवी दो पहिया और तीन पहिया वाहनों को अधिक महत्व मिल सकता है। सरकार शहरों के हिसाब से अधिक चार्दिंज स्टेशन, स्किल वर्कफोर्स की तैनाती समेत ईवी के प्रचार के लिए कुछ अन्य अहम कदम भी उठा सकती है। इससे ईवी के इकोसिस्टम को अच्छी मजबूती मिलने की संभावना है।
बजट 2026 में GST में कमी, रजिस्ट्रेशन फीस में छूट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर फंड
ताजा रिपोर्ट्स की मानें, तो बजट 2026 में ईवी सेक्टर को जीएसटी पंजीकरण में छूट मिलने की पूरी संभावना जताई गई है। मौजूदा वक्त में ईवी पर 5 फीसदी का जीएसटी स्लैब लगता है। ऐसे में यही रहने की पूरी उम्मीद है। ताकि ईवी को सस्ता रखा जा सके। अगर बजट में ईवी पर जीएसटी की दरें कम होती हैं, तो इससे ईवी की सेल में इजाफा हो सकता है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ईवी के रजिस्ट्रेशन में छूट मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सरकार ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए अलग से 2 हजार करोड़ का बजट निर्धारित कर सकती है।





