मिनिमम सैलरी 69 हजार, फिटमेंट फैक्टर 3 से ऊपर! 8th Pay Commission के तहत क्या केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की होगी बल्ले-बल्ले? जानें सबकुछ

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स नए वेतन को लेकर काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे है। वहीं कमेटी फुल एक्शन मोड में है।

8th Pay Commission

फाइल फोटो

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स नए वेतन को लेकर काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे है। बता दें कि 8th Pay Commission के बनाई गई फुल एक्शन मोड में है। बैठकों का दौर जारी है। वहीं जल्द ही कमेटी उत्तराखंड, दिल्ली, पुणे और महाराष्ट्र का दौरा करेगी, जहां वह कर्मचारी संघ और संगठन के साथ मिलकर बातचीत करेगी और उनकी मांगों को सुनेंगी। इसकी बीच कमेटी ने अपने एक्स हैंडल पर एक अहम जानकारी साझा की है।

जिसके तहत एनसी जेसीएम (स्टाफ साइड) ने 8वें सीपीसी को अपना 51 पेज का ज्ञापन प्रस्तुत किया है। उसमे उन्होंने कई मांगे रखी है और बताया है कि मिनिमम सैली में कितनी बढ़ोतरी करनी चाहिए और फिटमेंट फैक्टर कितना होना चाहिए। आईए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

मिनिमम सैलरी में बड़े बदलाव की मांग – 8th Pay Commission 

बता दें कि 8th Pay Commission ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि एनसी जेसीएम (स्टाफ साइड) ने 8वें सीपीसी को अपना 51 पेज का ज्ञापन प्रस्तुत किया है। न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 प्रस्तावित है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 3.833 है, वार्षिक वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव है और एचआरए संशोधन 40% (X), 35% (Y), 30% (Z) है। एनसी जेसीएम (स्टाफ साइड) ने आगे लिखा कि

“8वें सीपीसी के मसौदा समिति की अंतिम बैठक 13/04/2026 को जे.पी. चौबे मेमोरियल लाइब्रेरी (एआईआरएफ कार्यालय परिसर), 4 स्टेट एंट्री रोड, नई दिल्ली में हुई। मसौदा समिति ने 8वें सीपीसी को प्रस्तुत किए जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप दे दिया है और तदनुसार इसे 8वें सीपीसी के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। हम इसकी एक प्रति वर्ड प्रारूप के साथ घटक संगठन और उसके सहयोगियों द्वारा आगे प्रस्तुत करने के लिए भेज रहे हैं।

जैसा कि आप जानते हैं, हमने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सभी सामान्य सेवा मामलों और पेंशनभोगियों के पेंशन संबंधी मामलों को शामिल किया है। विभागीय मुद्दों, विभिन्न श्रेणियों के वेतनमानों के उन्नयन, विभाग विशिष्ट भत्तों/लाभों/सुविधाओं आदि के संबंध में संबंधित संगठनों को अपने ज्ञापन में प्रस्तुत करना होगा। हमने 8वें सीपीसी से निम्नलिखित अनुरोध किया है कि वे इस पर सकारात्मक विचार करें”।

मिनिमम सैलरी, फिटमेंट फैक्टर को लेकर रखी अपनी मांगे

आगे दी जानकारी के अनुसार “8th Pay Commission सरकारी कर्मचारी शासन और विकास के चालक हैं। उचित वेतन से उत्पादकता, मनोबल और प्रतिभा प्रतिधारण में वृद्धि होती है। वेतन संशोधन केवल व्यय नहीं बल्कि मानव पूंजी और आर्थिक विकास में निवेश है। इसलिए, खाद्य पदार्थों के औसत खुदरा मूल्यों, भोजन विस्तार, आवास के लिए 7.5%, ईंधन, बिजली, जल शुल्क के लिए 20%, सामाजिक विकास के लिए 25%, विवाह, मनोरंजन, त्योहार आदि के लिए अतिरिक्त व्यय के लिए 25% (सर्वोच्च न्यायालय के 1991 के निर्णय के अनुसार) और प्रौद्योगिकी शुल्क के लिए 5% की दर को ध्यान में रखते हुए, कर्मचारी राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) द्वारा परिकलित न्यूनतम वेतन 5 इकाई परिवार के लिए 69,000 रुपये है।

तदनुसार, मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए उपयुक्तता सूत्र 3.833 होगा। हमारे द्वारा परिकलित न्यूनतम वेतन और उपयुक्तता कारक इस ज्ञापन के अनुलग्नक-1 के रूप में संलग्न है। हम वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव करते हैं। हम वेतनमानों के विलय और 8वें सीपीसी के संशोधित वेतनमानों का भी प्रस्ताव करते हैं”।

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