US-Iran War Ceasefire का श्रेय लेते ही बुरा फंसे PM शहबाज! ड्राफ्ट पोस्ट देख सोशल मीडिया पर छिड़ा तमाशा, मुनीर की भी पिट गई भद्द

US-Iran War Ceasefire का श्रेय लेने वाले पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ बुरा फंस गए हैं। एक ड्राफ्ट एक्स मैसेज को लेकर सोशल मीडिया पर सनसनी छिड़ी है और घमासान जारी है।

US-Iran War Ceasefire

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Iran War Ceasefire: दुनिया में एक होड़ सी मची है और चर्चा का केन्द्र बिंदु पाकिस्तान बन गया है। दरअसल, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री सीना चौड़ा किए हुए यूएस-ईरान वॉर सीजफायर का श्रेय ले रहे हैं। पर्दे के पीछे आसिम मुनीर की इसमें अहम भूमिका का जिक्र है। हालांकि, एक ड्राफ्ट एक्स मैसेज ने पीएम शहबाज शरीफ की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

खबरों की मानें तो पीएम शहबाज ने जो एक्स मैसेज पोस्ट किया वो कहीं और से भेजा गया था। बाद में पोस्ट को एडिट कर ड्राफ्ट टर्म को हटाया गया। हालांकि, एक छोटी गलती ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को बुरा फंसा दिया है। वैश्विक मंच पर आसिम मुनीर की भद्द भी पिट रही है। ये दर्शाता है कि कैसे पाकिस्तान अन्य देशों की कठपुतली बन नाच रहा है।

पीएम शहबाज को महंगा पड़ रहा US-Iran War Ceasefire का श्रेय!

इस्लामाबाद को शांतिवार्ता स्थल के रूप में प्रस्तावित करने की बात हो या मध्यस्थता की भूमिका निभाने की। पाकिस्तान खुलकर दुनिया में अपनी ढ़ोल पीटता नजर आया है। पीएम शहबाज शरीफ यूएस-ईरान वॉर सीजफायर का श्रेय ले रहे हैं। हालांकि, उनकी एक एक्स पोस्ट ने सारे समीकरण को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

दरअसल, पाकिस्तानी पीएम ने सीजफायर से जुड़ा जो पोस्ट शेयर किया वो ड्राफ्ट मैसेज था। बाद में उसे संशोधन के साथ पोस्ट किया गया। दावा किया जा रहा है कि पीएम शहबाज शरीफ से मैसेज कराए गए। ये मैसेज या तो अमेरिका या फिर इजरायल की ओर से भेजा गया है। सीधे शब्दों में कहें तो यूएस-ईरान वॉर सीजफायर ऐलान में पाकिस्तान कठपुतली की भूमिका में है। इसको लेकर पीएम शहबाज के साथ मुनीर की भद्द पिट रही है।

दो सप्ताह के युद्धविराम पर बनी सहमति

इसकी आधिकारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कर दी है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची की ओर से भी युद्धविराम समझौते का स्वागत किया गया है। ऐसे में ये स्पष्ट है कि अगले दो सप्ताह तक इजरायल-अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेंगे। ईरान की ओर से भी प्रतिद्वंदी देशों पर किसी प्रकार का हमला नहीं किया जाएगा।

युद्धविराम पर बात बन जाने के बाद अगली वार्ता इस्लामाबाद में होनी है। यहां तीनों देशों के प्रतिनिधि पहुंचेंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि पूर्ण युद्धविराम पर बात बन जाती है, तो ये दुनिया के लिए राहत भरी खबर है। इससे कच्चे तेल के साथ एलपीजी व ऊर्जा के अन्य स्रोतों की सप्लाई सामान्य हो सकेगी जो होना बेहद जरूरी है।

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