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Aadhaar Card: लंबी लाइन में लगने का झंझट खत्म! अब घर बैठे जोड़े मोबाइल से आधार नंबर; इन बातों का रखना होगा विशेष ख्याल; जानें सबकुछ

Aadhaar Card: यूआईडीएआई आधार कार्ड में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे लाखों धारकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

Aadhaar Card
फाइल फोटो प्रतीकात्मक

Aadhaar Card: यूआईडीएआई लगातार अपने प्रोसेस में बदलाव कर रहा है। जिससे लोगों को फायदा पहुंच रहा है। इसी बीच अब आधार कार्ड में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे लाखों धारकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। आधार कार्ड धारकों को पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराने में आधार सेंटर जाना होता था। लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। लेकिन अब उन लोगों के लिए यूआईडीएआई जल्द एक नया फीचर लॉन्च करने जा रहा है। जिसकी मदद से अब घर बैठे मोबािल नंबर अपडेट किया जा सकेगा। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

अब घर बैठे जोड़ सकेंगे Aadhaar Card से मोबाइल नंबर

यूआईडीएआई ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा कि जल्द आ रहा है! घर बैठे आराम से आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करें – OTP और फेस ऑथेंटिकेशन के ज़रिए। अब आधार केंद्र पर कतार में खड़े होने की ज़रूरत नहीं। हमारे साथ बने रहें। यानि अब घर बैठे आधार कार्ड में अपना मोबाइल नंबर जोड़ा जा सकेगा। अगर किसी का मोबाइल नंबर गलत है, तो भी वह उसको अपडेट कर सकता है। बता दें कि पहले इसके लिए आधार कार्ड पर लंबी कतारे लगानी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें ऐसा नहीं करना होगा।

आधार कार्ड धारकों को इन बातों का रखना होगा खास ख्याल

गौरतलब है कि नए अपडेट आने के बाद अब घर बैठे अपना मोबाइल अपडेट किया जा सकेगा। हालांकि इस दौरान आवेदकों को कुछ खास ख्याल रखना होगा, जैसे अपडेट के दौरान गलत जानकारी ना दर्ज करें। इसके अलावा भी यह ध्यान रहें कि किसी भी चीज अपडेट करने के लिए आपके चेहरे का सटीक और सही मिलान होना चाहिए। तब ही जाके इसे अपडेट किया जा सकेगा।

इसके अलावा यूआईडीएआई ने आधार डेटाबेस की निरंतर सटीकता बनाए रखने के लिए राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के तहत मृत व्यक्तियों के 2 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया है। यूआईडीएआई ने भारत के महापंजीयक (आरजीआई), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम आदि से मृतक व्यक्तियों का डेटा प्राप्त किया है। वह मृतक व्यक्तियों का डेटा प्राप्त करने के लिए वित्तीय संस्थानों और अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग करने पर भी विचार कर रहा है।

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