Budget 2026: वित्त मंत्री के संबोधन से पूर्व औंधे मुंह गिरी सोना-चांदी की कीमत! जानें क्रैश की संभावित वजह

Budget 2026: वित्त मंत्री के संबोधन से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सोने-चांदी की कीमत में क्रैश के संभावित कारण क्या हो सकते हैं इस पर भी चर्चा है।

Budget 2026: आसमान छू रहे सोने और चांदी की कीमत में आज तगड़ी गिरावट देखने को मिली है। धातुओं की कीमत में ये गिरावट भारत में बजट पेश होने और वित्त मंत्री के संबोधन से पूर्व सामने आया है। ताजा जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 164360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं चांदी भारी गिरावट के साथ 278000 प्रति किलो की दर से ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।

जो सोना 1 लाख 80 हजार को पार कर गया था उसमें हुई भारी गिरावट कई पहलुओं की ओर इशारा करती है। कीमत में क्रैश के संभावित कारण क्या हो सकते हैं? क्या बजट 2026 होने के बाद सोना-चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।

वित्त मंत्री के संबोधन से पूर्व औंधे मुंह गिरी सोना-चांदी की कीमत!

संसद में बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संबोधन से पूर्व सोना-चांदी की कीमत औंधे मुंह गिरी है। सोना आज तगड़ी गिरावट के साथ भारत के केन्द्र नई दिल्ली में 164360 रुपए प्रति दस ग्राम (24 कैरेट) पर ट्रेड कर रहा है। यही कीमत कुछ ही दिन पहले 1 लाख 80 हजार रुपए के आंकड़े को पार कर गई थी।

चांदी की चमक भी वित्त मंत्री के संबोधन से पूर्व फिकी हुई और 74.15 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। किग्रा की बात करें तो चांदी अभी 278000 रुपए प्रति किलो की दर से ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। सोना और चांदी की कीमतों में हुई भारी गिरावट के बाद आसार जताए जा रहे हैं कि लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी बुलिश है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। ऐसे में कब क्या होगा इसका सटीक अंदाजा लगा पाना अभी मुश्किल है।

क्या हो सकती है क्रैश की संभावित वजह?

कीमती धातुओं में शुमार सोना और चांदी के दाम आज बजट 2026 जारी होने के दिन औंधे मुंह गिरे हैं। सोना-चांदी की कीमतों में क्रैश की वजह क्या हो सकती है? इस सवाल का जवाब लगातार ढूंढ़ा जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो डॉलर वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ है। इससे सोना-चांदी पर दबाव बना है। निवेशक डॉलर की मजबूती देख सोने के बजाय इसे प्राथमिकता दे रहे हैं। संभव है कि इस वजह से सोने-चांदी की कीमत गिरी हो।

इससे इतर निवेशकों द्वारा शॉर्ट सेलिंग भी सोने-चांदी के कीमत में गिरावट का कारण हो सकती है। यदि केन्द्र सरकार ने बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी कम करने का ऐलान किया, तो लागत कम होगी और सोना-चांदी की कीमतें फिर कम हो सकती हैं। हालांकि, विश्व अभी अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में संभव है कि बजट के बाद भी सोने-चांदी के भाव में तेजी या गिरावट देखने को मिले।

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