Gold Rate: क्या सोना अभी और होगा महंगा? विशेषज्ञों ने बताई आगे की दिशा

Gold Rate: वैश्विक स्तर पर मचे उथल-पुथल के बीच सोने की कीमत में लगातार उछाल देखने को मिला है। विशेषज्ञों की राय है कि वर्ष 2026 में सोने की कीमत अभी और बढ़ सकती है।

Gold Rate: सर्राफा बाजार की चका-चौंध प्रभावित हुई है। मिडिल क्लास अब ज्वेलरी खरीदने की ओर रुझान कम कर रहा है। इसकी प्रमुख वजह है आसमान छूती सोने-चांदी की कीमतें। इस वर्ष सोने की कीमत में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है। खबर लिखे जाने तक देश के केन्द्र नई दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 169730 रुपए प्रति दस ग्राम है।

गोल्ड रेट में लगातार उठा-पटक नजर आ रही है। लोगों के मन में सवाल है कि क्या सोना अभी और महंगा? निवेशक लगातार सोने की बढ़ती कीमत के बीच निवेश को रफ्तार दे रहे हैं। ऐसे में आइए हम इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही विशेषज्ञों की राय भी बताएंगे कि उन्होंने सोने की बढ़ती कीमत के बीच आगे की क्या दिशा बताई है।

क्या सोना अभी और होगा महंगा? जानें विशेषज्ञों की राय

सोना खरीदने को इच्छुक आम आदमी अब बस उम्मीद में हर दिन इसकी कीमत चेक करता है। लगातार उछाल के साथ 24 कैरेट सोने की कीमत एक लाख सत्तर हजार रुपए प्रति दस ग्राम के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में सवाल है कि क्या सोना अभी और महंगा होगा। विशेषज्ञों की मानें तो सबकुछ अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि अर्थव्यव्था प्रभावित हुई तो निवेशकी की संख्या बढ़ेगी जिससे गोल्ड की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

इससे इतर विभिन्न रिपोर्ट में ये आसार व्यक्त किए गए हैं कि वर्ष 2026 में सोने की कीमत आम तौर पर ऊपर ही रहने वाली है। संभव है कि बीच-बीच में कुछ कम हो, लेकिन ज्यादातर समय कीमत ऊंची रह सकती है। लोग लगातार बैंक डॉलर से हटकर सोने की तरफ जा रहे हैं जो इस धातु की कीमत बढ़ने का प्रमुख कारण है। साथ ही वैश्विक स्तर पर डॉलर का घटता इस्तेमाल और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी करना इसकी कीमत में लगातार उछाल का कारण है।

वैश्विक हालात और निवेश ट्रेंड कैसे तय कर रहे हैं गोल्ड का भविष्य?

सोने की कीमत में लगातार हो रहे उछाल का प्रमुक कारण वैश्विक हालात और निवेश ट्रेंड है। ये दोनों पहलु गोल्ड का भविष्य तय कर रहे हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने अर्थव्यवस्था को चोट दी है। इससे निवेशकों का रुझान गोल्ड की ओर बढ़ा है। वहीं पहले अमेरिका की वेनेजुएला फिर ईरान, कनाडा जैसे देशों से टेंशन ने एक जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम को अंजाम दिया है जो सोने-चांदी की कीमत बढ़ने का एक प्रमुख कारण है।

ट्रंप ने वेनेजुेला का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का जोर दिया था। उनकी इस अनिश्चितता से वैश्विक बाजार में उथल-पुथल है। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का कनाडा को चीन से व्यापार करने पर 100 फीसदी की टैरिफ से जुड़ी धमकी देना भी वैश्विक बाजार में हलचल का कारण है। संभावित युद्ध, हमला और राजनीतिक घटनाक्रमों ने निवेशकों के मन में संदेह भर दिया है जो शॉर्ट सेलिंग की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे ही वैश्विक हालात और निवेश ट्रेंड गोल्ड का भविष्य तय कर रहे हैं।

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