US-Iran-Israel-War: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध लगातार भीषण होता जा रहा है। जिसके बाद स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इसी बीच ईरान ने कतर के रास लफान गैस प्लांट पर पर हमला कर दिया है। सबसे खास बात है कि इसने पूरी दुनिया में ग्लोबल एनर्जी का संकट पैदा कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 20 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई खतरे में डाल दिया है। जिसमे भारत भी शामिल है। सप्लाई बिगड़ने से रसोई गैस और बिजली का संकट पैदा हो सकता है। जो एक चिंता का विषय बना हुआ है। चलिए आपको बताते है कि भारत पर इसका क्या असर पड़ेने वाला है?
ईरान ने कतर के एलएनजी गैस प्लांट पर किया हमला
मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध कई देशों की चिंता बढ़ा रहा है। इजरायल लगातार ईरान पर भीषण हमला कर रहा है, तो ईरान इजरायल के साथ-साथ सऊदी, ओमान, यूएई जैसे अपने पड़ोसी देशों पर हमला कर रहा है। इसी बीच ईरान ने कतर के एलएनजी गैस प्लांट पर हमला किया, जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। बता दें कि इस हमले में 20 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई को खतरे में डाल दिया है। इसके अलावा भारत पर भी इसका जबरदस्त असर देखने को मिल सकता है।
गैस सप्लाई पर सीधा संकट
बता दें कि एलपीजी की कीमतों में इजाफा किया गया है। वहीं अब कतर के गैस प्लांट पर ईरान द्वारा हमले के बाद भारत की चिंता बढ़ गई है। भारत अपनी एलएनजी जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से लेता है। हमले के बाद सप्लाई में 30–40% तक कमी का खतरा हो सकता है। यानि सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद।
यूरिया/उर्वरक पर भी दिखेगा असर
यूरिया/उर्वरक का मुख्य कच्चा माल प्राकृतिक गैस से बनता है। यानि उत्तपादन में कमी आने के बाद खाद महंगी, खेती की लागत बढ़ेगी, अंततः खाद्य महंगाई बढ़ेगी यानि खाने पीने की चीजों पर जबरदस्त असर पड़ सकता है।
उद्योग और अर्थव्यवस्था पर दबाव
स्टील, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल, सिटी गैस प्रभावित होने की उम्मीद है। इसके अलावा कई बड़ी कंपनियों का मार्जन घटने की उम्मीद है।सरकार को गैस “राशनिंग” करनी पड़ सकती है। यानि यह तो साफ है कि ईरान के इस हमले से केवल ओमान ही नहीं कई देशों पर संकट गहरा सकता है।
इसका नकारात्मक पहलू यह है कि आपूर्ति स्थिर होने पर भी कीमतें ऊंची बनी रहेंगी। भारतीय बाजार पहले से ही इस चिंता को दर्शा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड का भाव 111 डॉलर प्रति बैरल है।
