8th Pay Commission के तहत गठित कमेटी के 6 महीने पूरे, इन प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा, अपडेट जान कर्मचारियों के खिल जाएंगे चेहरे

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की समिति ने 6 महीने पूरे कर लिए हैं; महत्वपूर्ण चर्चाओं और अपडेट से कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।

8th Pay Commission

फाइल फोटो

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स बीते कई महीनों से नए वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे है। हालांकि उन्हें अभी काफी इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल 8th Pay Commission के एक्स हैंडल की तरफ से जानकारी साझा की गई है। जिसमे लिखा गया है कि कमेटी के 6 महीने पूरे हो चुके है और अभी भी 12 महीने बाकी है।

बताते चले कि 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स नए वेतन को लेकर इंतजार कर रहे है। माना जा रहा है कि इसके लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही महंगाई भत्ते और अन्य सुविधाओं में बदलाव हो सकता है। इसी बीच हाल ही में विभाग ने दिल्ली में कर्मचारियों और कमेटी के साथ बैठक की थी और उनकी राय ली थी। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

8th Pay Commission द्वारा गठित कमेटी के 6 महीने पूरे

बता दें कि 8th Pay Commission ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “8वां सीपीसी! छठे महीने की समीक्षा (3 अप्रैल – 3 मई, 2026) 6 महीने पूरे, 12 महीने शेष, कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया (अनुबंध) शुरू हुई (10 अप्रैल), एनसी-जेसीएम ने 51 पृष्ठों का ज्ञापन प्रस्तुत किया (14 अप्रैल), दिल्ली में एनसी-जेसीएम और 8वें सीपीसी की पहली बैठक हुई (28 अप्रैल) से हुई थी”।

वही कर्मचारी और कमेटी ने मीटिंग के दौरान कुछ विशेष मांग रखी। जिसमे – न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर, पे स्केल का मर्जर, वेतन वृद्धि की दर शामिल है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में आयोग कई राज्यों में बैठक करेगा और केंद्रीय कर्मचारियों और कमेटी से राय लेगा, ताकि एक रिपोर्ट तैयार की जा सके।

क्या फिटमेंट फैक्टर के तहत सैलरी में होगा इजाफा

मान लीजिए की आपकी पुरानी बेसिक सैलरी 18000 रूपये है। और अगर फिटमेंट फैक्टर 3.25 लागू किया जाता है तो-
18000×3.25=58500, यानि नई मिनिमम सैलरी बढ़कर हो जाएगी 58500 रूपये। माना जा रहा है कि इससे सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अभी कमेटी की तरफ से कर्मचारियों और संगठन से राय ली जा रही है।  रिपोर्ट तैयार करके पूरे 18 महीने बाद कमेटी द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों को रिपोर्ट पेश किया जाएगा।

 

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