Budget 2026: उद्योग जगत के लिए कितनी असरदार साबित होगी सरकार की पहल? बजट पर जानें विद्वानों की राय, मिलेंगे कई सवालों के जवाब

Budget 2026 उद्योग जगत के लिए कितना असरदार साबित होगा? उद्योग विशेषज्ञों के हवाले से इस सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे।

Budget 2026: उम्मीदों का बजट संसद के पटल से होते हुए जनता के समक्ष आ गया है। केन्द्र सरकार ने बजट के माध्यम से दिशा तय कर ली है कि अगले कुछ वर्षों में देश किस हद तक विकास की रफ्तार पकड़ेगा। बजट 2026 में मिडिल क्लास, किसान, नौजवान, महिला, उद्योग, चिकित्सा, परिवहन व अन्य तमाम जगत को साधने की कोशिश है। उद्योग जगत के लिए बजट 2026 कितना कारगर साबित होगा इसको लेकर सवालों का दौर जारी है। बजट से क्या उद्योगकर्मियों की मौज होगी या उनके हाथों निराशा लगेगी? विशेषज्ञों के हवाले से हम आपको इस सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे। साथ ही ये भी बताएंगे कि आने वाले वर्षों में देश किस दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। तो आइए चर्चा शुरू करते हैं।

बजट पर क्या है उद्योग विशेषज्ञों की राय? 

संसद के माध्यम से देश के आम लोगों तक पहुंच चुके बजट पर उद्योग विशेषज्ञों की राय बेहद स्पष्ट है। विद्वान इस बजट 2026 को डिजिटल बुनियादी ढांचे और अनुपालन सरलीकरण के लिए सकारात्मक बता रहे हैं। उद्योग जगत से आने वाले सीए एसएन गोयल का कहना है कि निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट प्रगतिशील है। ये विकसित भारत की उड़ान को पंख देने वाला है। नए आयकर अधिनियम की घोषणाओं समेत अन्य तमाम पहल का जिक्र कर सीएम ने बजट 2026 को उद्योग को प्रशस्त करने वाला माना है। इससे इतर विदेशी व्यापार को सुगम बनाने और आयात-निर्यात से जुड़े ढांचे को सरल देने पर जोर वाली पहल से भी उद्योग जगत पर सार्थक असर पड़ने के आसार हैं।

एक अन्य विशेषज्ञ विनायक चटर्जी का कहना है कि बजट 2026 के माध्य से सरकार ने आर्थिक विकास को बढावा देने पर जोर दिया है। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए इस बजट में सरकार ने हाथ खींच लिए हैं। सरकार ने ये नहीं बताया कि इस सेक्टर के लिए कितना बजट रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर देश के आर्थिक विकास के इंजन के रूप में माना जाता है, लेकिन इस पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया है। हालांकि, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर दिए गए जोर से उद्योग जगत पर सकारात्मक असर पड़ने के आसार हैं। वहीं सरकार द्वारा एमएसएमई सशक्तिकरण और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर की गई पहल भी उद्योग जगत के लिए कारगर साबित हो सकती है।

उद्योग जगत के लिए क्या कुछ मिला खास?

सरकार की ओर से बजट के माध्यम से उद्योग जगत को तोहफा मिला है। सरकार ने 200 विरासती औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए 10000 करोड़ रुपए के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव है। आत्मनिर्भर भारत निधि में 2000 करोड़ रुपए का टॉप अप प्रस्ताव है। बजट 2026 के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि उद्योग और रोजगार बढ़ाने के साथ औ MSMEs को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि लोगों के अवसरों के द्वार खुलें।

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