Budget 2026: आर्थिक राजधानी मुंबई से लेकर सूदुर पहाड़ी और अन्य पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों की नजर बजट पर है। 1 फरवरी, 2026 दिन रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। इस बजट में सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, कृषि, उद्योग समेत अन्य सभी पहलुओं को कितनी प्राथमिकता देती है इस पर सबकी नजरे हैं।
इतना ही नहीं, देश का मिडिल क्लास भी बजट 2026 पेश होने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी अपनी कुछ अपेक्षाएं सरकार से हैं जिसे वो बजट में शामिल कराना चाहते हैं। इसमें टैक्स घटौती, स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का विस्तार आदि शामिल है। ऐसे में आइए हम आपको बजट 2026 से मिडिल क्लास की अपेक्षाओं की बारे में बताते हैं।
मिडिल क्लास की Budget 2026 से क्या है अपेक्षाएं?
बजट देश के हर नागरिक को प्रभावित करता है। किचन से लेकर दुकान, बाजार, ऑटो सेक्टर, हेल्थ सेक्टर आदि समेत सभी चीजें बजट से प्रभावित होती हैं। यही वजह है कि देश का मिडिल क्लास कई अपेक्षाओं के साथ बजट की ओर नजर जमाए रखता है। बजट 2026 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। उससे पहले शहरों में रहने वाले मिडिल क्लास की मांग है कि होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाया जाए।
जहां एक ओर प्रॉपर्टी रेट में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर एक तबका लोन के बोझ तले दब रहा है। इसी कड़ी में ये मांग उठाई जा रही है। मिडिल क्लास सरकार से टैक्स स्लैब को सरल बनाने, हाउसिंग लोन और इंश्योरेंस से जुड़ी योजनाओं को विस्तार देने की मांग भी कर रहा है। इसके अलावा समय को देखते हुए लंबी अवधि के इलाज के लिए हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं का दायरे बढ़ाने की मांग है।
महिलाओं का एक तबका है जो गृहिणी की भूमिका निभाती हैं। उनका मानना है कि महंगाई की मार ने बचत को बुरी तरह प्रभावित किया है। किराना से लेकर दवा, ग्रोसरी, कपड़े, रेस्तरां, शॉपिंग आदि चीजें महंगी हो गईं हैं। महिलाएं सरकार से मांग कर रही हैं कि बजट 2026 में इन सब पर लगने वाली जीएसटी को कम कर मिडिल क्लास परिवारों को राहत दी जाए। इससे बचत बढ़ेगी और लोगों को राहत मिलेगी।
बजट 2026 में क्या बड़ी घोषणाएं हैं संभावित?
1 फरवरी, दिन रविवार को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। इस दौरान बजट में क्या-क्या बड़ी घोषणाएं होंगी इसका जवाब पेश होने के साथ ही पता चलेगा। संभव है कि सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं आदि को साधने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कुछ बड़े ऐलान करे। संभव है कि सोने-चांदी के इंपोर्ट को आसान बनाने के लिए सरकार कस्टम ड्यूटी भी कम करे। इसके अलावा निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग आदि को लेकर भी बड़े ऐलान संभव हैं।





